सिरसा। सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2025 तक देश को टीबी मुक्त घोषित कर दिया जाए। इसलिए अभी से स्वास्थ्य विभाग ने काम शुरू कर दिया है। टीबी से ग्रसित व्यक्तियों के इलाज के साथ-साथ अब विभाग ने प्लानिंग बनाई है कि इसका फैलाव रोकने के लिए भी काम किया जाए। यानी बीमारी को होने से पहले ही रोक दिया जाए। इसके लिए व्यापक स्तर पर प्लानिंग हो चुकी है। उम्मीद है कि आगामी 2-3 माह में सरकार प्रोजेक्ट को लांच कर दे। इस संबंध में अधिकारियों की प्रदेश स्तर पर ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है जबकि जिला स्तर पर अब शुरू होगी।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीबी प्रिवेंशन थेरेपी शुरू की जाएगी ताकि वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य पूरा किया जा सके। इसके तहत अब व्यापक स्तर पर नया अभियान चलाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को पत्र भेजकर टीबी रोगियों की संख्या, इलाज की व्यवस्था और हाई रिस्क एरिया की जानकारी मांगी है। इस रिकॉर्ड के आधार पर स्वास्थ्य विभाग आगामी योजना तैयार करेगा। अभी जिले में करीब 2100 टीबी संक्रमित रोगियों का इलाज चल रहा है। जिले के सरकारी अस्पतालों में 1294 और प्राइवेट अस्पतालों में 830 केस टीबी के एक्टिव हैं।
जानिये... ये है विभाग की योजना
स्वास्थ्य विभाग टीबी प्रिवेंशन थेरेपी अभियान चलाएगा। इसके तहत टीबी ग्रसित लोगों के घरों में जाकर परिवार के अन्य सदस्यों और संपर्क में आने वालों की भी जांच करेगा। कई बार बलगम टेस्ट में रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आती। इसलिए विभाग टीबी स्किन टेस्ट यानी मोंटू टेस्ट भी करवाएगा। इतना ही नहीं टीबी का इंफेक्शन पता करने के लिए इग्रा टेस्ट भी करवाया जाएगा। ताकि संक्रमण का शुरुआती स्तर पर पता लगाया जा सके। इसके अलावा यदि किसी संक्रमित व्यक्ति के घर में 5 साल से छोटा बच्चा है तो उसे गोली दी जाएगी ताकि उसे संक्रमण से बचाया जा सके। इस संबंध में स्टेट लेवल की ट्रेनिंग के बाद अब जिला स्तर पर कर्मचारियों की ट्रेनिंग शुरू हो चुकी है।
एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान भी हुआ शुरू, दो महीने चलेगा
स्वास्थ्य विभाग की ओर से वीरवार से जिले में एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान भी एक बार फिर शुरू कर दिया गया है। ये अभियान दो महीने तक चलेगा। इसके लिए विभिन्न टीमों का गठन कर दिया गया है। टीमें हाई रिस्क एरिया में जाएंगी और जांच करेंगी। जांच के बाद टीबी के रोगियों को ढूंढा जाएगा और इलाज शुरू किया जाएगा। यह अभियान ब्लॉक स्तर पर शुरू होगा।
टीबी प्रिवेंशन थेरेपी को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई है। राज्य स्तर पर ट्रेनिंग हो चुकी है और अब जिला स्तर पर की जानी है। सरकार का उद्देश्य है कि 2025 तक टीबी मुक्त भारत घोषित किया जा सके। इसलिए अब नई थेरेपी पर काम शुरू करेंगे। इसके अलावा एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान भी शुरू कर दिया गया है।
- डॉ. रोहताश, डिप्टी सिविल सर्जन, सिरसा।