सिरसा। शिक्षा विभाग ने स्कूलों में खगोल लैब बनाने की कवायद शुरू कर दी है। इसके बनने के बाद चांद और तारे देखने के लिए विद्यार्थियों को रात का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। उन्हें लैब में टेलीस्कोप के माध्यम से ही दिन में ही चांद और तारों के दीदार करवाए जाएंगे। लैब में विभाग द्वारा तीन टेलीस्कोप लगाए जाएंगे। जिनके माध्यम से विद्यार्थी चांद तारों को अच्छे से देख पाएंगे।
हरियाणा स्कूली शिक्षा विभाग ने जिले के स्कूलों में खगोलीय लैब बनवाने को लेकर मुख्यालय को प्रपोजल भेजा। विभाग द्वारा प्रत्येक खंड से दो स्कूलों की सूूची भेजी गई। लेकिन अभी फिलहाल जिले के एक स्कूल को ही लैब बनाने के लिए अनुमति मिली है। शहर के राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल में खगोलीय लैब स्थापित की जाएगी। प्रत्येक लैब को तैयार कराने के लिए 3 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इस लैब के माध्यम से बच्चे ब्रह्मांड से जुड़ी जानकारी जुटा सकेंगे। लैब में कक्षा चौथी से 12वीं तक के विद्यार्थी खगोल शास्त्र से जुड़ी जानकारी हासिल कर सकेंगे। अब तक विद्यार्थियों को स्कूलों में भूगोल का ज्ञान मिलता रहा है। लैब के लिए विद्यालय को अलग से लैब बनाने के लिए बोला गया है।
लैब की छत को दिया जाएगा सौरमंडल और उपग्रह का रूप
लैब की छत को सौरमंडल का रूप दिया जाएगा। जिसमें सभी ग्रहों को भी अपनी स्थिति दर्शाया जाएगा। वहीं इनके बीच में ही चांद और तारे भी होंगे। जो बच्चों को आसमान में झांकने का अहसास करवाएंगे। लैब में न्यूटन के नियम, सौरमंडल के ग्रह और उपग्रह के अलावा दिर रात कैसे बनते हैं इस बारे में भी बच्चों को बताया जाएगा।
किताबों से हटकर प्रैक्टीकल ज्ञान लेंगे
अभी फिलहाल विद्यार्थी किताबों से ही ब्रह्मांड का ज्ञान ले रहे हैं। लेकिन लैब बन जाने के बाद विद्यार्थी प्रैक्टीकल ज्ञान अर्जित करेंगे। किताबों में थ्योरी की वजह से विद्यार्थी ठीक से ब्रह्मांड के बारे में समझ नहीं पाते । ऐसे में विद्यार्थियों को बौद्धिक स्तर बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा ये पहल की गई है।
कंपनी द्वारा ही रखा जाएगा ट्रेनर
जो कंपनी स्कूलों में लैब को स्थापित करेंगी। उनके द्वारा ही लैब में एक ट्रेनर नियुक्त किया जाएगा। जो लैब को संचालित करने के साथ-साथ बच्चों को ब्रह्मांड के बारे में जानकारी देगा। लैब को दिल्ली की किसी निजी कंपनी द्वारा स्थापित करवाया जाना है। वहीं ट्रेनर के साथ स्कूल के विज्ञान अध्यापक भी साथ होंगे। जो विद्यार्थियों को ज्ञान देने में सहायता करेंगे।
जिले के प्रत्येक खंड से दो खगोलीय लैब बनाने के लिए प्रपोजल भेजा गया था। लेकिन शहर के मॉडल संस्कृति स्कूल में लैब बनाई जानी है। जिसको लेकर जल्द ही बजट जारी किया जाएगा। लैब बनने से विद्यार्थियों के बौद्धिक ज्ञान का विकास होगा। वहीं विद्यार्थी ब्रह्मांड के बारे में प्रैक्टीकल ज्ञान अर्जित कर सकेंगे।
-गोपाल कृष्ण शुक्ला, सहायक परियोजना अधिकारी, समग्र शिक्षा अभियान सिरसा।