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Sirsa News: जिले में दो स्थानों पर जली पराली, प्रदूषण का स्तर 225 एक्यूआई दर्ज

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हरियाणा व पंजाब के बॉर्डर पर ​स्थित संघा गांव में किसान द्वारा लगाई गई पराली में आग।
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सिरसा। दिवाली पर पराली जलाने के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिली। सोमवार रात्रि जिले में दो स्थानों पर पराली जलाई गई। इन किसानों पर केस दर्ज कर लिया गया है। वहीं मौसम ने करवट ली है। मंगलवार को दोपहर तक बादलवाई रही। इसके चलते अधिकतम तापमान में दो डिग्री व न्यूनतम तापमान में एक डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 14 डिग्री दर्ज किया गया। हालांकि प्रदूषण का स्तर 225 दर्ज गया, जोकि बीते दिन 246 एक्यूआई था।
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अभी तक जिले में 100 से नीचे पराली के मामले हैं। विभाग के अधिकारियों ने पराली जलाने पर आठ किसानों के खिलाफ केस दर्ज किए हैं। कृषि अधिकारियों की माने तो आखिरी एक सप्ताह का वक्त है और इसको लेकर बड़े स्तर पर तैयारी की गई है। कंपनियों से लेकर पराली प्रबंधन करने वाले किसानों और खरीदारों के साथ बातचीत चल रही है। प्रशासन के प्रयासों का ही परिणाम है कि अभी तक 100 से कम पराली जलाने के मामले हरसेक की लोकेशन में आए हैं। इनमें 30 फीसदी से ज्यादा लोकेशन गलत पाई गई है। एक सप्ताह को ध्यान में रखते हुए रानियां में दो लाख क्विंटल पराली और सिरसा एरिया में डेढ़ लाख क्विंटल पराली खरीदने वाली एजेंसियों से बातचीत चल रही है, जो बुधवार तक फाइनल होने की उम्मीद है।



पराली जलाने के मामले
डिंग के गांव नरेल खेडा में सोमवार रात को किसान बच्चन सिंह पर धान की पराली जलाने पर मामला दर्ज किया गया है। कृषि निरीक्षक धर्मवीर सिंह, ग्राम सचिव नरेंद्र, पटवारी प्यारेलाल के बयानों के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
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गांव डिंग के गांव बगुवाली में किसान सुरेंद्र सिंह पर पराली जलाने का मामला दर्ज किया गया है। हरसेक से प्राप्त लोकेशन के आधार पर दिवाली रात को पराली जलाई जा रही थी। पुलिस ने एग्रीकल्चर सुपरवाइजर रोहताश, ग्राम सचिव सुमित्रा प्रकाश, पटवारी प्यारे लाल की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है।


पराली प्रबंधन को लेकर हमने व्यापक प्रबंध किए हैं। एक सप्ताह का वक्त और बचा है। इसको लेकर सभी अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। हमारा प्रयास है कि किसानों के साथ मिलकर पराली जलाने की समस्या को जड़ से खत्म किया जाएगा। पिछले वर्ष के मुकाबले अब तक के आंकड़े संतोषजनक है।
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- सुखदेव सिंह कंबोज, उप निदेशक कृषि विभाग
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