रेट से कम राशि मेें टेंडर लेने वाले ठेकेदार नप सकते हैं। कम राशि में अधिक राशि का निर्माण करवाने में गुणवत्ता कैसी रही होगी यह तो रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा।
पर इस मामले में प्रशासन सख्त हो गया है। इसी कड़ी में नगर परिषद की ओर से बनाई गई सात गलियों के शुक्रवार को सैंपल भरे गए हैं।
नवनिर्मित सात गलियों के भरे गए सैंपल के दौरान एडीसी और सीटीएम भी मौजूद रहे। जब गलियों के सैंपल भरे जा रहे थे तो कॉलोनियों के लोग भी एकत्रित हो गए।
इससे पूर्व गलियों के निर्माण में अधिकारियों पर उठे सवाल से सबक लेकर प्रशासन इस बार सख्ती के मूड में दिखाई पड़ रहा है।
शहर में नगर परिषद की ओर बनाई गई गलियों के लिए प्रशासन ने ठेकेदार को उसकी पेमेंट देने से पहले गलियों के सैंपल लेकर उन्हें लैब में टेस्टिंग के लिए भेजे जाने की कवायद शुरू कर दी है।
भरे गए सैंपल की गुणवत्ता के संबंध में सही रिपोर्ट मिलती है तो पूरा भुगतान ठेकेदार को कर दिया जाएगा और रिपोर्ट गड़बड़ पाई गई तो ठेकेदार को राशि नहीं दी जाएगी।
यदि किसी गली की गुणवत्ता 70 प्रतिशत है तो ठेकेदार को उसी के अनुसार भुगतान किया जाएगा और इससे कम हुई तो बनती कार्रवाई करते हुए राशि के भुगतान पर रोक लग सकती है।
सैंपल भरने के दौरान मौके पर एडीसी प्रदीप कुमार, सीटीएम बिजेंद्र सिंह, ईओ अतर सिंह खटक, निगरानी कमेटी के चेयरमैन यतिंद्र सिंह एडवोकेट, नगर परिषद के एक्सईएन सुरेश मलिक, एमई भारत भूषण, जेई अमन, पीडब्ल्यूडी बीएंड आर विभाग के एसडीई जयसिंह तथा संबंधित गलियों के ठेकेदार उपस्थित रहे।
इस दौरान अधिकारियों ने प्रत्येक सैंपल पर अधिकारियों ने अपने हस्ताक्षर भी किए ताकि उनकी देखरेख में जो सैंपल लिए गए हैं, उन्हें ही लैब में टेस्टिंग के लिए भेजा जाना सुनिश्चित हो।
उल्लेखनीय है कि डी प्लान के तहत सिरसा शहर में करीब एक माह पहले विभिन्न गलियों का निर्माण शुरू किया गया था। उ
नमें से सात गलियों का निर्माण पूरा हो चुका है, जिनमें सात लाख रुपए की अनुमानित लागत से कंगनपुर की भारत नगर स्थित गली नंबर पांच का निर्माण, 13.70 लाख रुपये से बेगू रोड की डॉ. वेद बेनीवाल वाली गली का सीसी निर्माण, 4.90 लाख रुपये से अग्रसेन कालोनी की मुख्य गली का सीसी निर्माण, 3.58 लाख रुपये से गली सुनील कुमार से मनोज कुमार एडीओ वाली का इंटरलॉकिंग निर्माण, 1.20 लाख रुपये से खैरपुर की गली पंडितों वाली का इंटरलॉकिंग टाइलों से निर्माण, 11.42 लाख रुपये की लागत से खैरपुर की पेट्रोल पंप वाली गली तथा 3.50 लाख रुपये से पुरानी हाऊसिंग बोर्ड कालोनी की गली नंबर एक का इंटरलॉकिंग टाइलों से निर्माण शामिल है।
इन बनाई गई गलियों के भुगतान के लिए ठेकेदार नगर परिषद में बार-बार चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन नगर परिषद की ओर से उनका भुगतान करने से पहले गलियों की जांच करवाने का निर्णय लिया गया है ताकि गुणवत्ता को परखा जा सके और उसी के अनुसार भुगतान किया जा सके।
एडीसी बोले घटिया सामग्री से बनाई सड़क की नहीं होगी पेमेंट
सैंपलिंग प्रक्रिया के दौरान एडीसी प्रदीप कुमार ने कहा कि डी प्लान के तहत बनाई गई सड़कों की गुणवत्ता में यदि किसी भी प्रकार कमी पाई गई तो उसका उसकी गुणवत्ता के आधार पर ही भुगतान होगा।
यदि कोई सड़क घटिया सामग्री से बनी पाई गई तो उसका भुगतान नहीं किया जाएगा। इतना ही नहीं उन्होंने नगर परिषद अधिकारियों को भविष्य में निर्माण की जाने वाली गलियों को इंटर लॉकिंग से बनाने के प्रति भी दिशा-निर्देश दिए।
सीटीएम बिजेंद्र सिंह ने कहा कि सैंपल की जांच मान्यता प्राप्त तथा विश्वसनीय लैब से ही करवाई जाएगी। इस दौरान उन्होंने प्रत्येक गली के आरंभ, बीच में तथा अंतिम छोर से सैंपल लेने के निर्देश भी दिए।
इसी प्रकार नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अतर सिंह खटक ने कहा कि जब तक सैंपल की रिपोर्ट नहीं आ जाती तब तक किसी भी ठेकेदार का भुगतान नहीं किया जाएगा।
लैब में टैस्ट होने और उसकी रिपोर्ट आने के बाद गली की गुणवत्ता के आधार पर उसी रेशो के अनुसार भुगतान किया जाएगा। लैब में गलियों की कैमिकल, एनालाईसिस व कम्प्रैसिव स्टैं्रथ की जांच की जाएगी।