शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को प्रशासनिक ग्रहण लग गया है। हालात यह है कि राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ ही शहर के अंदरूनी हिस्से की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था चौपट हो गई है। व्यवस्था कब सुधरेगी? इस प्रश्न का जवाब नगर परिषद के पास नहीं है।
सिरसा, चौटाला तथा बठिंडा रोड पर लगी स्ट्रीट लाइट लंबे अरसे से खराब है। इनकी वजह से हादसे हो रहे हैं। अब तो शहर के भीतर भी अंधेरा रहता है।
हालांकि नगर परिषद का दावा है कि दीपावली के मौके पर उसने मुख्य बाजार की स्ट्रीट लाइट ठीक करवाई थी। लेकिन अन्य बाजारों में झांका तक नहीं।
चौटाला रोड के दुकानदार अंग्रेज सिंह सग्गू, हरीश कुमार ने बताया कि स्ट्रीट लाइट नहीं जलने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
प्रेमनगर तथा कचहरी के पास कई बार भारी वाहन डिवाइडर पर चढ़कर पलट चुके हैं। दुकानदारों ने बताया कि रोड पर लावारिस पशुओं की भरमार है। ये अचानक से वाहन से टकरा जाते हैं। इससे हादसे होते रहते हैं।
सब्जी मंडी के बाहर मुख्य बाजार को जाने वाली सड़क के बीचों बीच नगर परिषद ने डिवाइडर का निर्माण करके पोल खड़े कर दिए। लेकिन पोल पर एक भी लाइट नहीं लगाई जिससे पूरे क्षेत्र में अंधेरा छाया रहता है। यहीं नहीं शहीदी चौक पर लगी स्ट्रीट लाइट भी अरसे से बंद हैं। गलियों की हालात तो इससे भी दयनीय है।
उपायुक्त ने फाइल डायरेक्टर को भेजी
गौरतलब है कि पिछली सरकार के समय नगर परिषद में जंगलराज चल रहा था। मनमाने ढंग से काम हो रहे थे। अफसरशाही मलाई चाट रही थी। नेता चुप थे।
विपक्ष के पास बोलने के लिए समय नहीं था। इस बीच करीब दो ढाई साल से डबवाली नगरपरिषद ने दो इलेक्ट्रिशियन तथा हेल्पर डीसी रेट पर रखे हुए थे।
लेकिन मौजूदा सरकार में उपायुक्त ने इस नीति को गलत करार देते हुए मुलाजिम रखने से इंकार कर दिया है। कुछ समय पहले उपायुक्त ने कर्मचारी रखने की फाइल को स्थानीय शहरी निकाय विभाग के डायरेक्टर को कार्रवाई के लिए भेज दिया था।
शहर में करीब 2450 स्ट्रीट लाइट प्वाइंट हैं जिनकी देखरेख के लिए नगर परिषद को चार कर्मचारियों की जरूरत है। नगर परिषद में हुई घपलेबाजी के चलते सरकार तथा उच्च अधिकारियों ने नगर परिषद पर अपनी आंखें तरेरी हुई हैं। डबवाली से जाने वाली प्रत्येक फाइल को टेढ़ी नजर से देखा जाता है। ऐसे में चार कर्मचारियों की मांग कर रही नगर परिषद के अधिकारियों की सुनवाई नहीं हो रही।
दीपावली के समय जेब खर्च मुख्य बाजार की लाइटें ठीक करवाई थी। रोजाना स्ट्रीट लाइट की शिकायतें आ रही हैं। रोज-रोज जेब से खर्च नहीं कर सकते।
-सुमित ढांड़ा, बिल्डिंग इंस्पेक्टर, नगर परिषद, डबवाली
कर्मचारियों संबंधी फाइल डायरेक्टर ऑफिस में पड़ी है। उम्मीद है जल्द कार्रवाई होगी। कर्मचारी रखने की अनुमति मिलते ही शहर में स्ट्रीट लाइट संबंधी समस्या निपट जाएगी।
-जयवीर डुडी, एमई, नगर परिषद, डबवाली