स्वास्थ्य विभाग के हेल्थ इंस्पेक्टर देवेंद्र मोंगा ने फेसबुक पर लाइव होकर विभाग के एक डॉक्टर व दो कर्मचारियों द्वारा चार्ज लेने को लेकर प्रताड़ित करने और गबन का झूठा आरोप लगाने की बात कह जीवन समाप्त करने की बात कही। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों में हड़कंप मच। वहीं वीडियो के वायरल होने के बाद पारिवारिक सदस्यों को रोपड जिले के भरतगढ़ चौकी के इंचार्ज केवल सिंह ने भाखड़ा नहर के किनारे गाड़ी, जूते, सुसाइड नोट और मोबाइल मिलने की सूचना दी। इसके बाद पारिवारिक सदस्य भरतगढ़ के लिए रवाना हो गए। बता दें कि स्वास्थ्य विभाग ने देवेंद्र मोंगा पर लॉक डाउन में चालान के पैसे न जमा करवाने की बात कहकर उसे कारण बताओ नोटिस भेजा था।
सोमवार को सुबह देवेंद्र मोंगा फेसबुक पर लाइव हुआ। एक मिनट की वीडियो में हेल्थ इंस्पेक्टर ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के एक डॉक्टर व अन्य दो कर्मचारियों ने उससे चार्ज लेने के लिए उस पर गबन करने के आरोप लगाए है। जिसके कारण वह अब न तो घर पर जा सकता है और न किसी अन्य स्थान पर। गबन का झूठा आरोप लगा कर्मचारियों ने उन्हें प्रताड़ित किया है जबकि इसके संबंधित उनके पास अधिकारियों का पत्र आया था और उन्होंने मेडिकल लीव होने की बात कह मामले की पूरी जानकारी तीन जून को देने की बात कहीं थी। इसके बाद विभाग कर्मचारियों ने उन पर झूठा आरोप लगा दिया और उन्हें बार-बार परेशान किया गया जिस कारण उसकी सामाजिक मान मर्यादा को अज्ञात पहुंचा। उसके रिश्तेदार उससे घृणा करने लगे। मेरी तीन महीने का वेतन रोक दिया गया। जिसके कारण अब वह अपना जीवन समाप्त करने जा रहा है। मौके पर भाखड़ा नहर पर गाड़ी खड़ी देखकर लोगों ने स्थानीय पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने गाड़ी से सुसाइड नोट, मोबाइल, जूते बरामद किए और परिजनों का पता निकालकर फोन किया।
यह था मामला : वर्ष 2020 में पुलिस और अन्य अधिकारियों की ओर से बिना मास्क वालों के चालान किए गए थे। चालान से संबंधित कापियां जारी करने, कापियां जमा करने और जुर्माना जमा करने संबंधित पूरी जिम्मेदारी हेल्थ इंस्पेक्टर देवेंद्र मोंगा की लगाई गई थी। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की ओर से हेल्थ इंस्पेक्टर द्वारा अकाउंट ब्रांच में कापियों के जमा न करने, जारी हुई कापियों की जानकारी न होने और जुर्माने संबंधित जानकारी न दिए जाने और चालान को गबन करने के आरोप लगाए गए थे। जिसके पश्चात सीएमओ की ओर से 26 मई को इंस्पेक्टर को कापियों संबंधित जानकारी न दिए जाने के कारण कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसके पश्चात हेल्थ इंस्पेक्टर ने तीन जून को पूरी जानकारी देने का लिखित में पत्र सीएमओ को भेजा गया था। विभाग की ओर से इंस्पेक्टर को तीन जून तक का समय भी दिया गया और अपना पक्ष रखने की बात कहीं थी।
भरतगढ़ के नंगल डैम के पास इंस्पेक्टर की मिली कार : हेल्थ इंस्पेक्टर देवेंद्र मोंगा के भाई सुखदर्शन सिंह ने बताया कि आनंदपुर साहिब के भरतगढ़ से पुलिस का उनके पास फोन आया है। जिसमें पुलिस कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें हरियाणा नंबर की कार नंगल डैम के पास भाखड़ा नहर के पुल पर मिली है। कार में मोबाइल, जूते और एक सोसाइड नोट मिला है। हालांकि उनके भाई के बार में पुलिस ने अभी तक कुछ नहीं बताया है। जिसके कारण अब वह परिवार के साथ मौके पर जा रहे हैं। मौके पर पहुंचने के बाद ही स्थिति की जानकारी मिल पाएगी।
पहले भी स्वास्थ्य अधिकारियों की हो चुकी थी कहासुनी : हेल्थ इंस्पेक्टर देवेंद्र मोंगा द्वारा स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों से पहले भी कई बार कहासुनी हो चुकी है जिसको लेकर हेल्थ इंस्पेक्टर की ओर से सीएमओ को शिकायत भी दी गई थी लेकिन अधिकारियों की ओर से इस पर कोई सुनवाई नहीं की गई थी। जिसके पश्चात सोमवार को उन्होंने वीडियो जारी कर अधिकारियों की ओर से प्रताड़ित किए जाने के आरोप लगाए है।
इंस्पेक्टर की ओर से जमा करवाई गई थी 85 लाख की राशि : हेल्थ इंस्पेक्टर की ओर से कापियों की रसीद, जुर्माना और जारी की गई कापियों की जानकारी न दिए जाने के कारण उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इंस्पेक्टर की ओर से 85 लाख जुर्माना ब्रांच में जमा करवाया गया है लेकिन कितनी कापियां जारी हुई व उनकी रसीद के बारे में जानकारी नहीं है। इसके लिए उन्हें तीन जून तक का समय दिया गया था। वीडियो जारी होने संबंधित कोई जानकारी नहीं मिली है। 19 मई से 29 मई तक इंस्पेक्टर ने मेडिकल लीव होने की जानकारी दी थी। -डॉ. मनीष बांसल, सीएमओ, सिरसा।
नहर के पुल पर गाड़ी मिली है। उसमें सुसाइड नोट, जूते और मोबाइल मिला है। नहर में देवेंद्र मोंगा ने छलांग लगाई है या नहीं, इस बारे में कुछ नहीं कह सकते। क्योंकि किसी ने उसे छलांग लगाते नहीं देखा। -केवल सिंह, चौंकी इंचार्ज, भारतगढ़, जिला रोपड़।