सिरसा। वन विभाग ने प्रदेश में हरियाली बढ़ाने और एग्रो फार्मिंग के लिए खेतों में छह लाख पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया है। धान की कटाई होने के बाद विभाग की ओर से यह पौधे खेतों में रोपित किए जाएंगे। इसके लिए किसानों को पहले आवेदन करना होगा।
जिले में वन क्षेत्र बढ़ाने के साथ-साथ हरियाली बढ़ाने के लिए विभाग की ओर से अलग-अलग अभियान चलाकर पौधों का रोपण कराया जा रहा है। जिले में इस वर्ष 12 लाख 81 हजार 545 पौधों का रोपण किया गया है। विभाग की ओर से क्लब सदस्यों, विद्यार्थियों, जल शक्ति अभियान और मुफ्त में लोगों को पौधे वितरित कर पौधों का रोपण करवाया गया है। इसके साथ ही पौधों की देखरेख करने के लिए विभाग क्लब सदस्यों का सहयोग ले रहा है।
तीन वर्षों तक विभाग ही करेगा देखरेख
एग्रो फार्मिंग के लिए वन विभाग की ओर से पौधों का रोपण कराया जाएगा। इसके लिए किसान को पहले आवेदन करना होगा। विभाग के अधिकारी जमीन का निरीक्षण कर किसान के खेत में सफेदा पौधों का रोपण करेगा। शुरुआती तीन वर्षों तक विभाग की ओर से ही पौधों की देखरेख की जाएगी। इसके बाद यह किसान को सौंपे जाएंगे। पौधों के तैयार होने के बाद किसान इसका लाभ उठा सकता है। हालांकि इसकी खेती अधिक समय की होने के कारण किसान भी पौधों के रोपण करवाने से कतराते हैं।
एक हेक्टेयर में लगाए जाते हैं 1100 पौधे
किसान की ओर से आवेदन करने के बाद विभाग की ओर से एक हेक्टेयर में 1100 सफेदों का रोपण करवाया जाता है। किसान के साथ विभाग तीन वर्ष का एग्रीमेंट करता है। पौधों के बड़े होने और एग्रीमेंट पूरा होने के बाद किसान अपने अनुसार उनका लाभ उठा सकता है। धान की कटाई होने के बाद ही विभाग की ओर से पौधों का रोपण करवाया जाता है। हालांकि जिन किसानों के खेत खाली हैं उन किसानों के आवेदन के अनुसार ही विभाग पौधों का रोपण करवाता है।
एग्रो फार्मिंग के लिए विभाग की ओर से छह लाख पौधों (सफेदे) का रोपण करवाए जाने का लक्ष्य तय किया गया है। पौधे मुख्यालय की ओर से भेजे जाएंगे। टेंडर होने के बाद मुख्यालय की ओर से पौधे प्राप्त करवाए जाएंगे। इसके विभाग की ओर से ही किसान के खेत में पौधे रोपित किए जाएंगे। - रामकुमार जांगड़ा, जिला वन अधिकारी, सिरसा