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सिरसा पर नहीं पड़ी ‘प्रभु’ की नजर

Fri, 26 Feb 2016 01:04 AM IST
अमर उजाला सिरसा/ब्यूरो
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केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु की ओर से प्रस्तुत किए गए रेल बजट पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं है। किसी ने इसे अच्छा बताया तो किसी ने बजट को आंकड़ों का खेल।
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सिरसा को रेल बजट में अब तक नजरअंदाज ही किया जाता रहा है। अब भी रेल बजट में सिरसा की मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया। लंबे रूट की गाड़ियों की बात हो या फिर स्टेशन पर सुविधाओं की, सभी इस बजट से परे नजर आ रही हैं।

सिरसा को नई गाड़ियों की सख्त जरूरत थी पर इस बार भी रेल बजट में सिरसा को कुछ न मिलने से यात्रियों को निराशा हाथ लगी है। बजट प्रस्तुत होने से पूर्व लोगों को खासी उम्मीदें थी पर जैसे ही ‘प्रभु’ का पिटारा खुला तो सिरसा के लोगों को निराशा हाथ लगी।  
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आंकड़ों का खेल है: सांसद
सिरसा के सांसद चरणजीत सिंह रोड़ी ने कहा कि रेल बजट में आंकड़ों का खेल खेला गया है। सिरसा क्षेत्र के लिए इसमें कोई खास नहीं है। उन्होंने कहा कि सिरसा जिला के रेलवे सुविधाओं को लेकर कई बार रेल मंत्री को मांग सौंपी गई पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी प्रकार फतेहाबाद में रेलवे सुविधाओं को बढ़ाने की मांग भी की गई थी। इस बजट में सिरसा और फतेहाबाद जिलों की अधिकतर मांगें लंबित ही रह गई हैं। सांसद ने कहा कि जिन जिलों की मांगें अरसे से लटकी हुई हैं उन जिलों को इस बजट में तवज्जो देनी चाहिए थी।

पूरी तरह अनदेखी हुई : विधायक
अच्छा होता यदि सिरसा के लोगों की सभी मांगें पूरी हो जाती। रेलवे में सुरक्षा को लेकर नंबर जारी करने की बात कही गई है नंबर तो पहले से ही चल रहा है। बजट में आंकड़ों का खेल लग रहा।
पुरानी सभी घोषणाओं को पूरा करना चाहिए था। सिरसा में लोगों ने अनेक बार मांग रखी है पर लोगों की सुनवाई नहीं हुई। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है बल्कि सिरसा को पहले भी नजरअंदाज किया जाता रहा  है।
मक्खन लाल सिंगला, विधायक सिरसा

15 सालों से कर रहे हैं संघर्ष
चिकित्सक डॉ. केके गुप्ता पिछले 15 सालों से रेलवे सुविधाओं को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। रेलवे सुविधाओं को लेकर उन्होंने लोगों को मांग रखने के लिए जागरूक भी किया। इसके बाद एक संगठन बनाकर उसके बैनर तले मांगों को रखा। अब तक सैकड़ों बार रेलवे मंत्री, सिरसा सांसद, प्रधानमंत्री और रेलवे के उच्चाधिकारियों को पत्राचार के माध्यम से सिरसा के लिए मांगे उठा चुके हैं।
केके गुप्ता, चिकित्सक

सिरसा को कुछ नहीं दिया
सिरसा को एक बार फिर निराशा ही हाथ लगी है। हमने बठिंडा और हिसार में ठहरने वाली दूरी की गाड़ियों को सिरसा तक लाने की मांग की थी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। वाशिंग सेंटर भी नहीं बना जिसके लिए पूर्व सांसद अशोक तंवर आए दिन बयानबाजी करते रहते थे। रेल बजट से पूर्व कई बार रेल मंत्री को सिरसा की ओर से मांग पत्र भी भेजे पर रेल बजट में उन मांगों को कोई स्थान नहीं दिया गया। अब हिसार के सांसद दुष्यंत चौटाला और सिरसा के सांसद चरणजीत सिंह रोड़ी के माध्यम से क्षेत्र की मांगों को रेलवे मंत्री और अधिकारियों को अवगत करवाया जाएगा ताकि यहां के लोगों को रेलवे की सुविधाएं मिल सकें। पर मंत्री ने हरियाणा का राज्यसभा सदस्य होते हुए प्रदेश को कुछ नहंी दिया।
पदम जैन, सदस्य रेलवे सलाहकार समिति

आमजन का है बजट
रेल मंत्री द्वारा प्रस्तुत किया गया रेल बजट बहुत ही अच्छा है। इसमें सभी वर्गों व क्षेत्रों का ध्यान रखा गया है। इसे आमजन के हित का बजट कहा जा सकता है। वर्षों से सिरसा के लोगों की सभी मांगे पूरी हो जाती तो और सोने पे सुहागा होता। इस बजट ने किसी को निराश नहीं किया है। जो मांगें शेष रह गई हैं उनके लिए आगामी बजट में उम्मीद करेंगे। बजट में तकनीक पर काफी ध्यान दिया गया है जो वक्त की जरूरत है। ओवर आल बजट को सराहा जा सकता है।
कमल रेलन, एडवोकेट

सारी मांगें धरी रह गई
बीजेपी की सरकार बनने के बाद यह तीसरा रेल बजट प्रस्तुत हुआ है और हर बार सिरसा को खाली रखा जाता है। इस बार भी सिरसा में कुछ नहीं मिला जबकि लोग अनेक मांगों को लेकर बार-बार ज्ञापन सौंपते रहे। इतना ही नहीं पूर्व की सरकार ने जो बजट में घोषणाएं की थी उनको भी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। हमें पूरी उम्मीद थी कि सिरसा की मांगों में से काफी पूरी होंगी पर सभी मांगें धरी रह गई।
- अमित सोनी, पूर्व सदस्य रेलवे सलाहकार समिति


ये थी शहर के लोगों की मुख्य मांगें जिन्हें रेल मंत्री और रेलवे अधिकारियों के समक्ष बार-बार उठाया गया

1. पूर्व के सालों में रेल बजट के दौरान मंजूर हुए सिरसा से बाया फतेहाबाद-अग्रोहा-हिसार -महम-रोहतक के रास्ते दिल्ली तक बिछने वाले रेलवे ट्रैक शुरू करवाया जाए।

2. सिरसा जिला में पडने वाले सभी मानव रहित फाटकों पर अंडऱ ब्रिज का निर्माण करवाया जाए, ताकि दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। साथ ही सिरसा की पुरानी कचहरी रोड़ पर फाटक संख्या 144 पर रेलवे अंडरब्रिज बनाया जाए, फाटक बंद रहने की स्थिति में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

3. अहमदाबाद-श्री माता वैष्णों देवी कटरा साप्ताहिक एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 19415-19416) को सिरसा-हिसार-भिवानी के रास्ते निरंतर चलाई जाए, जिससे इस क्षेत्र के श्रद्धालुओं को माता श्रीवैष्णों देवी के दर्शनों का लाभ मिल सके। साथ ही इस एक्सप्रेस में यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त डिब्बों की संख्या को बढ़ाया जाए। इस एक्सप्रेस का भट्टू, डिंग और कालांवाली स्टेशन पर ठहराव किया जाए।

4. रेल बजट वर्ष 2013 में सिरसा के लिए घोषित किए गए राष्ट्रीय कौशल विकास केंद्र की स्थापना करवाई जाए, ताकि आमजन को इसका लाभ मिल सके।

5. यूपीए सरकार के रेल बजट में रोहतक-भिवानी-हिसार-सिरसा के रास्ते बठिंडा तक मंजूर की गई शताब्दी एक्सप्रेस को तुरंत इस रूट पर चलाया जाए, ताकि दिल्ली की ओर जाने वाली यात्रियों को इसका लाभ मिल सके।

6. सिरसा से दिल्ली जाने के लिए किसान एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 14519-14520) यहां के लोगों के लिए बड़ी महत्वपूर्ण है। इस कारण से इस गाड़ी में यात्रियों की काफी भीड़ रहती है। यात्रियों की भीड़ को देखते हुए इस एक्सप्रेस में दो वातानुकूलित, तीन महिला और दो साधारण कोच लगाए जाएं।

7. धूरी-सिरसा और सिरसा-लुधियाना पैसेंजर गाड़ी (गाड़ी संख्या 54632-54633) में यात्रियों की काफी भीड़ रहती है। इसलिए इस गाड़ी में तीन अतिरिक्त यात्री डिब्बों की संख्या बढ़ाई जाए।

8. सिरसा और बठिंड़ा के बीच लोगों का काफी आना-जाना लगा रहता है। बठिंडा जाने के लिए सिरसा से डीएमयू गाड़ी चलाई जाए, ताकि सिरसा से बठिंडा जाने ओर आने वाले यात्रियों को इसका लाभ मिल सके।

9. हिसार-लुधियाना के बीच चलने वाली लुधियाना-हिसार पैसेंजर गाड़ी (गाड़ी संख्या 54631-54634) का विस्तार सिरसा तक किया जाए। यह गाड़ी लुधियाना जंक्शन से सुबह 5.30 बजे चलकर सुबह 11.15 बजे हिसार जंक्शन पर आती है और शाम को करीब 17.45 बजे हिसार से धूरी के लिए चलती है। यह गाडी करीब 5 घंटे से अधिक समय तक हिसार स्टेशन पर ही खड़ी रहती है।  

10. हिसार से चलने वाली गौरखपुर धाम एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 12555-12556) का विस्तार सिरसा तक किया जाए।

11. हिसार-जोधपुर (गाड़ी संख्या 54823-54824) गाड़ी का सिरसा तक विस्तार किया जाए। यह गाड़ी हिसार रेलवे स्टेशन पर कई घंटे खड़ी रहती है।

12. चंडीगढ़ हरियाणा की राजधानी होने के बावजूद भिवानी-हिसार-सिरसा से चंड़ीगढ़ के लिए कोई भी एक्सप्रेस नहीं है। इसलिए लोगों को बस मार्ग से चंडीगढ़ जाना पड़ता है। भिवानी-हिसार-सिरसा-बठिंडा के रास्ते चंडीगढ़ तक सीधी एक्सप्रेस गाड़ी को चलाया जाए।

13. सिरसा रेलवे विभाग के पास काफी जगह खाली पड़ी है। इसका सदुपयोग करते हुए यहां पर वाशिंग लाइन बनवाई जाए, ताकि इस जमीन का सदुपयोग हो सके।

14.. उपमंडल डबवाली रेलवे स्टेशन पर लोडिंग-अनलोडिंग को एफसीआई गोदाम के पास स्थानांतरित किया जाए। मेन बाजार नजदीक होने के कारण सारा दिन यहां ट्रकों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी है।

15. सिरसा जिला में पड़ने वाले डिंग, सिरसा, कालांवाली व डबवाली सभी स्टेशनों पर यात्रियों के बैठने के लिए बेंच, शेड, पंखे, पीने का पानी और शौचालय की अतिरिक्त व्यवस्था हो।
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