जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव को लेकर पुलिस प्रशासन इस बार कुछ ज्यादा ही चौकस रहा। सभी को मतदान केंद्र से करीब पांच सौ मीटर पहले ही बैरिकेड्स लगाकर रोक लिया गया। इनेलो विधायक एवं नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चौटाला ने आगे जाने का प्रयास किया तो उनकी डीएसपी और एसडीएम के साथ बहस हुई और उन्हें आगे नहीं जाने दिया। एसडीएम ने साफ कहा कि उन्हें ऊपर से आदेश मिला है इसलिए वे अपनी ड्यूटी कर रही हैं। अगर आपकी सरकार होती तो भी वे ऐसे ही ड्यूटी करतीं। बाद में चौटाला पुलिस प्रशासन और सरकार को कोसते हुए चौटाला हाउस की ओर रवाना हो गए और वहीं से पार्टी पदाधिकारियों को फोन पर दिशा-निर्देश देते रहे।
जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव को लेकर पुलिस प्रशासन ने चुनाव आयुक्त के आदेश पर शुक्रवार को बरनाला रोड वाहनों के आवागमन पर पूरी तरह से रोक लगाई हुई थी यहां तक ही किसी को पैदल तक नहीं जाने दिया गया। पुलिस लाइन के प्रथम गेट के बाहर बरगद के पेड़ के नीचे भाजपा और ठीक उसके सामने पंडाल लगाकर इनेलो ने डेरा डाला हुआ था। बरनाना रोड की ओर आने-जाने वाले वाले, बाया प्रेम नगर या बाया अजय विहार होकर आ जा रहे थे। दूसरी ओर हुडा चौक पर पुलिस ने नाका लगाया हुआ था। मीडिया कर्मियों के वाहन पंचायत भवन के आसपास तक भी नहीं जाने दिए गए। कुछ मीडियाकर्मी पैदल पंचायत भवन के गेट तक गए। इसके अलावा किसी अन्य को आगे नहीं जाने दिया गया। इस बीच विधायक अभय सिंह चौटाला, विधायक मक्खन सिंगला, रामचंद कंबोज, विधायक बलकौर सिंह और सभी इनेलो समर्थित पार्षद मौके पर पहुंचे।
चौटाला की पायलट गाड़ी के चालक ने जैसे ही बैरिकेड्स हटाने के पुलिसकर्मी को ईशारा किया तो इंस्पेक्टर यादविंद्र सिंह ने आगे बढ़कर स्पष्ट कर दिया कोई आगे नहीं जाएगा। इस पर चौटाला ने इंस्पेक्टर से कहा कि नेशनल हाईवे रोकने के किसने आदेश दिए हैं। इस बीच डीएसपी विजय कक्कड़ मौके पर पहुंचे और उन्होंने चौटाला को बताया कि ऊपर से आदेश हैं इसलिए कोई आगे नहीं जाएगा। इस पर चौटाला ने एसपी को मौके पर बुलाने के लिए कहा। नाके पर तैनात डबवाली की एसडीएम संगीता तेत्रवाल मौके पर पहुंची और उन्होंने चौटाला को साफ मना कर दिया कि वे किसी भी सूरत में आगे नहीं जा सकते। चौटाला ने कहा कि आगे चलकर उनका घर है और उनकी जेसीडी विद्यापीठ है, वे वहां जाएंगे। इस पर एसडीएम ने कहा कि वहां जाने के लिए उन्हें दूसरे रास्ते से होकर जाना होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि वे चुनाव आयुक्त के आदेश का पालन कर रही हैं अगर आपकी सरकार होती तब भी वे इसी प्रकार ड्यूटी करती।
परिषद सदस्यों को भी पैदल जाने को कहा
इस बीच पुलिस प्रशासन की ओर से कहा गया कि जिला परिषद के सदस्यों को भी बैरिकेड्स से पैदल ही पंचायत भवन तक जाना होगा उन्हें भी वहन नहीं ले जाने दिए जाएंगे, इस पर चौटाला नाराज हो गए और उन्होंने पुलिस प्रशासन और सरकार को कोसना शुरू कर दिया। चौटाला ने कहा कि सदस्यों में कुछ महिलाएं है और कुछ बीमार हैं, इस पर एसडीएम ने उन्हें सरकारी वाहनों से मतदान स्थल तक पहुंचाया। इसके बाद वे चौटाला हाउस की ओर चले गए जबकि सभी विधायक कोर्ट परिसर के गेट के पास बनाए पंडाल में जाकर बैठ गए। ठीक उनके सामने भाजपा नेताओं ने डेरा डाला हुआ था। जैसे से भाजपा नेताओं को पता चला कि कांग्रेस समर्थित दो सदस्य गैर हाजिर हैं तो भाजपा को अपनी हार का अहसास हो गया और वे वहां से चले गए।