जीत पक्की होने के बावजूद क्रॉस वोटिंग करवाकर इनेलो ने अपना गढ़ बरकरार रख जिला परिषद चुनावों में लाज बचा ली। 24 पार्षदों वाली जिला परिषद में इनेलो के 13 पार्षद थे, लेकिन पार्टी की चेयरमैन प्रत्याशी रेणु बाना ने 22 में से 14 और वाइस चेयरमैन प्रत्याशी कर्ण चौटाला ने 15 वोट लेकर भाजपा प्रत्याशियों को करारी शिकस्त दी। दो पार्षद वोटिंग के दौरान गैर हाजिर रहे। हाईकोर्ट के आदेश पर हुए चुनाव में बाना ने भाजपा समर्थित श्रुति बेनीवाल को छह वोटों से जबकि कर्ण चौटाला ने मंजू रानी को 8 वोटों से हराया।
जिला परिषद के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन का चुनाव संपन्न करवाने को लेकर शुक्रवार को चुनाव अधिकारी एवं एसडीसी अजय कुमार तोमर ने पंचायत भवन में एक बैठक बुलाई थी। सुबह 11 बजे से पहले चुनाव अधिकारी अन्य सहयोगी अधिकारियों के साथ पंचायत भवन में निर्धारित कक्ष में पहुंच गए थे। ठीक 11 बजे बैठक की कार्यवाही शुरू कर दी गई। कुल 24 सदस्यों में से 22 सदस्यों ने उपस्थित दर्ज करवाई। इनेलो की ओर से रेणु बाना को चेयरमैन और कर्ण चौटाला को वाइस चेयरमैन के लिए नामित किया गया था जबकि भाजपा की ओर से श्रुति बैनीवाल को चेयरमैन व मंजू रानी को वाइस चेयरमैन पद पर मैदान में उतारा गया। निर्धारित समय तक दो सदस्य शगुनाबाई देसूजोधा और मलकीत सिंह संतनगर मौके पर नहीं पहुंचे। जैसे ही भाजपा नेताओं को पता चला कि दो सदस्य गैर हाजिर है तो उन्हें अपनी हार का अहसास हो गया था और करीब सवा बारह बजे तक एक-एक कर भाजपा नेता मौके से चले गए। कुछ भाजपाई किसी चमत्कार की प्रतीक्षा में मौके पर रुके रहे।
मतदान में ईवीएम का प्रयोग किया गया। मतदान हुआ और कुछ देर बाद मतों की गिनती का कार्य शुरू कर दिया गया। अध्यक्ष पद पर इनेलो की रेणु बाना को 14 जबकि भाजपा की श्रुति बेनीवाल को आठ वोट मिले। इस तरह छह मतों के अंतर से जीत हासिल कर रेणु बाना चेयरमैन चुनी गई। वाइस चेयरमैन के पद के चुनाव में कर्ण चौटाला को 15 वोट जबकि मंजू रानी को सात वोट मिले। इस तरह से कर्ण चौटाला आठ मतों के अंतर से चुने गए। उधर जीत के बाद इनेलो समर्थित सदस्यों ने पंचायत भवन परिसर में नारे लगाकर जीत का जश्न मनाया। जैसे ही कचहरी गेट के बाहर बैठे इनेलो नेताओं और कार्यकर्ताओं को नतीजे की जानकारी मिली उन्होंने नारे लगाने शुरू कर दिए। बाद में विजेताओं को जुलूस के रूप में चौटाला हाउस तक ले जाया गया।
इनेलो ने हाईकोर्ट में दी थी याचिका
जिला परिषद अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के लिए प्रथम बैठक में कोरम पूरा न होने की सूरत में चुनाव नहीं हो सका था। उसके बाद इनेलो ने इस मामले में सरकार पर चुनाव लटकाने और इनेलो समर्थित उम्मीदवारों को लालच देने का आरोप भी लगाया। चुनाव आयुक्त की मंशा पर शक करते हुए इनेलो ने चुनाव करवाने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
कांग्रेस समर्थित सदस्यों ने दोनों को दिए वोट
जिला परिषद में कुल 24 सदस्य हैं। जिनमें इनेलो समर्थित 13, भाजपा समर्थित पांच और कांग्रेस समर्थित छह सदस्य हैं। यह तो शुरू से ही लग रहा था कि अध्यक्ष व उपाध्यक्ष इनेलो के खाते में जाएगा क्योंकि सदस्यों की संख्या उसके पास ज्यादा थी। लेकिन शुक्रवार को हुए अध्यक्ष-उपाध्यक्ष पद के पक्ष में जो वोट पड़े हैं, वे हैरानी पैदा करते हैं। अध्यक्ष को 14 वोट मिले जबकि उपाध्यक्ष को 15 वोट मिले। यानि, दो वोट अधिक आए हैं। इसी प्रकार भाजपा समर्थित महज पांच सदस्य ही जीत कर आए थे, पर भाजपा समर्थित अध्यक्ष पद की उम्मीदवार श्रुति को आठ वोट मिले हैं। इससे साफ होता है कि कांग्रेस समर्थित सदस्यों ने भाजपा व इनेलो के पक्ष में मतदान किया है। हालांकि दो सदस्य गैरहाजिर थे।