कृषि मंत्रालय भारत सरकार की ओर से राष्ट्रीय कृषि बाजार योजना का पायलट शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली से किया। इस योजना के तहत सिरसा जिला की ऐलनाबाद अनाज मंडी को इस नेटवर्क से जोड़ा गया है। इस योजना के शुभारंभ पर वीरवार देर शाम को अनाज मंडी में मुख्य संसदीय सचिव विकास एवं पंचायत व कृषि विभाग बक्शीश सिंह विर्क ने राष्ट्रीय कृषि बाजार के तहत प्रयोगशाला का उद्घाटन किया और प्रधानमंत्री वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से किसानों से रूबरू हुए।
बक्शीश सिंह विर्क ने किसानों व आढ़तियों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय कृषि बाजार के तहत पायलट चरण में आठ राज्यों में 23 उत्पादकों एवं 20 मंडियों को शामिल किया गया है तथा 14 राज्यों से 365 मंडियों से प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास आएं हैं। उन्होंने कहा कि पहले चरण में आज पूरे देश में 21 मंडियों को इलेक्ट्रॉनिक व्यापार पोर्टल से जोड़ा गया। दूसरे चरण में सितंबर 2016 तक 180 मंडियों को, तीसरे चरण में मार्च 2017 तक 200 मंडियों को तथा मार्च 2018 तक 185 मंडियों को इलेक्ट्रॉनिक व्यापार पोर्टल से जोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि इस प्रकार मार्च 2018 तक 585 मंडियों को इलेक्ट्रॉनिक व्यापार पोर्टल से जोड़ा जाएगा तथा धीरे-धीरे देश की सभी मंडियों को राष्ट्रीय कृषि बाजार नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय कृषि बाजार से जुड़ने के लिए कृषि उपज मंडी का कोई प्रारंभिक व्यय नहीं होगा लेकिन देख-रेख, उन्नतिकरण तथा रखरखाव का खर्च बाद में मंडी द्वारा ही वहन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा 200 करोड़ रुपये का बजट प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा राज्य की 54 मंडियों में आधारभूत सरंचना उपलब्ध करवाने के लिए 38 करोड़ 62 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है जिसमें से 16 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता केंद्र सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय कृषि बाजार पोर्टल चलाने के लिए लघु कृषक कृषि व्यापार संघ (एसएफएसी) द्वारा तकनीकी सहयोगी संस्था नागार्जुना फर्टिलाईजर एंड केमिकल लिमिटेड हैदराबाद के सहयोग तथा विभिन्न राज्यों के परामर्श उपरांत आवश्यक मॉडल का भी विकास किया गया है।
विर्क ने कहा कि राष्ट्रीय कृषि बाजार को समानांतर कृषि विपणन व्यवस्था के रुप में विकसित नहीं किया जा रहा है, कृषि उपज मंडी पहले की भांति काम करती रहेगी। राष्ट्रीय कृषि बाजार से जुड़ कर कोई भी कृषि उपज मंडी राष्ट्रीय व्यापार नेटवर्क में भाग ले सकती है। किसान जब स्थानीय स्तर पर अपने उत्पाद बेचने के लिए मंडी में लाते हैं तो उन्हें स्थानीय व्यापारियों के साथ-साथ इंटरनेट के माध्यम से देश के अन्य राज्यों में स्थित व्यापारियों को भी अपने माल बेचने का विकल्प व व्यवस्था होगी। किसान अपनी उपज वहां बेचने के लिए स्वतंत्र होगा जहां बेहतर भाव मिलेंगे।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय कृषि बाजार का विकास भारत सरकार द्वारा किया जा रहा है। इसके लिए इंटरनेट व्यापार पोर्टल विकसित किया गया है एवं देश की सभी कृषक उपज मंडियों को उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके साथ कृषि उपज मंडी के कर्मचारी व व्यापारी प्रशिक्षण, आधारभूत संरचना आदि के लिए वित्तीय सहायता भी उपलब्ध करवाई जाएगी जिससे कृषि उपज मंडी इस व्यवस्था को प्रभावशाली रुप से चलाने के लिए सक्षम हो।
उन्होंने कहा कि स्थानीय व्यापारियों को अपने ही प्रदेश के अन्य भागों में तथा अन्य राज्यों में कृषि उत्पाद बेचने के मौके मिलेंगे, थोक व्यापारियों को चावल, दाल, दलहन, मिल संचालकों को सीधे राष्ट्रीय कृषि बाजार के माध्यम से दूर स्थित मंडी से कृषि उत्पाद खरीदने का मौका मिलेगा, ग्राहकों को कृषि उपज आसानी से उपलब्ध होगी एवं मूल्य भी स्थिर रहेगा। उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर खरीद होने से गुणवत्ता, टूट-फूट तथा उत्पाद खराब होने का अनुपात भी कम होगा। उन्होंने कहा कि पारदर्शी बिक्री व लेनदेन होगा तथा पूरे प्रदेश के लिए एकल लाइसेंस ही होना चाहिए, इससे भूगतान व डिलीवरी की गारंटी होगी तथा कुशल सप्लाई चेन व्यवस्था उपलब्ध होगी, किसान व व्यापारियों की पूरे देश की मंडियों तक पहुंच भी होगी।
उन्होंने कहा कि अनाज की नमी, गुणवत्ता आदि की जांच के लिए इन मंडियों में लेबोरेट्री भी स्थापित की गई है, जिसमें संचालन के लिए विशेषज्ञ नियुक्त किए गए हैं। इस अवसर पर उपायुक्त शरणदीप कौर बराड़, एसडीएम ऐलनाबाद प्रदीप दहिया, भाजपा जिलाध्यक्ष अमीरचंद मेहता, युवा भाजपा नेता अमन चोपड़ा, सुरेंद्र नेहरा, डीएसपी कुलदीप सिंह, चीफ इंजीनियर अमर सिंह श्योराण, अधीक्षक अभियंता डी.के. गर्ग, कार्यकारी अभियंता आर.के. गर्ग, दिलबाग सिंह, एसडीओ भूप सिंह बैनीवाल, डीएमईओ. सिरसा मदन लाल सिहाग, सचिव एवं ईओ मार्केट कमेटी ऐलनाबाद विकास सेतिया आदि उपस्थित थे।