फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिजलीघर से कर्मचारियों को बाहर निकालकर ग्रामीणो ने जड़ा ताला

Sun, 20 Mar 2016 01:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
विज्ञापन
पंचायत - फोटो : Bureau
विज्ञापन
गांव रिसालियाखेड़ा की पंचायत ने दस साल पहले पांच एकड़ जमीन बिजलीघर को दी थी। शर्त थी कि गांव को चौबीस घंटे बिजली मिलेगी। इस एग्रीमेंट से बिजली निगम ने अपने कदम पीछे खींच लिए हैं। ग्रामीणों को बारह से तेरह घंटे बिजली दी जा रही है। निगम के खिलाफ वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने शनिवार को गांव में स्थित 33 केवी बिजलीघर की सप्लाई बंद कर दी। कर्मचारियों को बाहर निकालकर ताला जड़ दिया।
विज्ञापन


करीब साढ़े पांच घंटे तक ग्रामीण बिजली निगम तथा हरियाणा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। बिजली निगम का कहना है कि 42 फीसदी ग्रामीण बिल नहीं भरते। ग्रामीण खुद में सुधार लाएं। निगम एग्रीमेंट के अनुसार बिजली देगा। एक्सईन के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने चार अप्रैल तक समस्या के समाधान की बात कहते हुए धरना समाप्त  कर दिया। सुबह करीब 10 बजे ग्रामीण सरपंच आजाद सिंह, ओमप्रकाश सहारण, जगदीश सिंह, विजय सहू, राजपाल, मदन के नेतृत्व में बिजलीघर के समक्ष एकत्रित हुए।

कर्मचारियों से बिजली कम करने के बारे में पूछा। संतोषजनक जवाब न मिलने पर गुस्साए ग्रामीणों ने बिजली बंद करते हुए कर्मचारियों को बिजलीघर से बाहर निकालकर ताला जड़ दिया। ग्रामीण वहीं तंबू गाड़कर धरने पर बैठ गए। जानकारी मिलते ही एसडीई मोहन लाल मौका पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से ताला खोलने की मांग की। ग्रामीणों ने बिजली कम आने का कारण पूछा, तो जवाब मिला कि जब तक ग्रामीण बिजली बिल अदा नहीं करेंगे तब तक बिजली नहीं मिलेगी। ग्रामीण गुस्से में आ गए। ग्रामीणों ने नारा दिया कि जब तक 24 घंटे बिजली नहीं मिलेगी, वे गांव में बिजलीघर नहीं चलने देंगे। ग्रामीण तथा एसडीई के आमने-सामने आने के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी विनोद काजल ने समझाने-बुझाने का प्रयास किया। लेकिन ग्रामीण नहीं माने।
विज्ञापन


गोरीवाला उप तहसील के नायब तहसीलदार संजय चौधरी, बिजली निगम के एक्सईन एमआर सचदेवा ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत शुरू की। आंकड़े प्रस्तुत करते हुए एक्सईन ने बताया कि गांव में 58 फीसदी लोग बिजली बिल भरते हैं। 42 फीसदी ऐसे लोग हैं, जो डिफॉल्टर की लिस्ट में आ गए हैं। सरकार की पॉलिसी है कि किसी गांव में इतना बिल बकाया है तो वहां बिजली कम दी जाए। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि बिजली की कमी नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि जब आप लोग बिल ही अदा नहीं करेंगे, तो आपको बिजली कैसे दी जाए? पंचायत ने कहा कि जो लोग बिल अदा नहीं करते या फिर बिजली चोरी करते हैं, उन पर कार्रवाई की जाए, वे निगम के साथ है। ग्रामीणों ने कहा कि 4 अप्रैल तक समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन को बाध्य होंगे।

बिजली निगम हमारे साथ वादा खिलाफी कर रहा है। पूरे गांव का कहना है कि अगर 24 घंटे बिजली नहीं मिली तो हम बिजलीघर नहीं चलने देंगे। चार अप्रैल को बिजली बिल भरने की तारीख है। पंचायत भी सहयोग करेगी। बिजली बिल पूरे भरे जाते हैं या कम। इससे मतलब नहीं होगा। शर्त के अनुसार हमें 24 घंटे बिजली चाहिए।
-आजाद सिंह, सरपंच, गांव रिसालियाखेड़ा

गांव रिसालियाखेड़ा में करीब 42 फीसदी बिजली बिल बकाया है। ऐसे में सरकार की पॉलिसी के अनुसार गांव की बिजली आपूर्ति 12-13 घंटे कर दी गई है। बिल अदा करने पर ही पूरी बिजली मिलेगी।
विज्ञापन

-एमआर सचदेवा, एक्सईन बिजली निगम, डबवाली
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें