फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

...तो इन 11 गांवों में नहीं मिलेगी शराब

Sat, 19 Mar 2016 12:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
विज्ञापन
पंचायत - फोटो : Bureau
विज्ञापन
पढ़ी लिखी पंचायतें चुनने का असर दिखाई देने लगा है, सभी अपनी अपनी पंचायतों को नशामुक्त बनाने की दिशा में कदम उठा रहे है। गांवों में खुले शराब के ठेकों के कारण युवाओं पर पड़ रहे दुष्प्रभाव से चिंतित होकर शुक्रवार को अनेक ग्राम पंचायतों ने  उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर उनके गांवों में वर्तमान में चल रहे शराब के ठेकों को बंद करवाने तथा भविष्य में किसी को भी उनके गांव में शराब का ठेका खोलने का टेंडर जारी न करने की मांग की। पंचायतों ने इस बारे में एक मांगपत्र मुख्यमंत्री को भी भेजा है।
विज्ञापन


उपायुक्त कार्यालय पहुंचे गांव बनवाला, मोढी, रामपुरा बिश्नोइयां, चकजाल, गोरीवाला, लंबी, ओढां, मठदादू, नुहियांवाली, रिसालियाखेड़ा आदि गांवों के सरपंच बाबूराम गेदर, सुमन देवी, प्रदीप कौर, माया देवी, कौशल्या रानी, बिमला देवी, ओमप्रकाश, रामलाल, पृथ्वी सिंह, आजाद सिंह सहित 15 सदस्यी कमेटी के सदस्य संतोष, सुखजीत, गुड्डीदेवी, सोमा, मूर्ति, मुख्तयार कौर आदि ने कहा कि गांव में खुले शराब के ठेकों के कारण गांव की युवा पीढ़ी नशे के गर्त में गिरती जा रही है। जब उन्हें रोका जाता है तो वे लड़ाई-झगड़े पर उतार जाते हैं। उन्होंने बताया कि गांव में शराब पीकर लोग आपस में ही झगड़ पड़ते हैं तो यही शराब घरेलू कलह का भी कारण बन रही है।

उन्होंने कहा कि शराब पीकर लोग न केवल गांव में गंदगी फैलाते हैं, बल्कि आने वाली युवतियों व महिलाओं पर भद्दी टिप्पिणयां करती हैं, जिससे उन्हें बेहद परेशानियां उठानी पड़ती हैं। शराब के कारण ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान भी हो रहा है और बच्चों पर इसका बुरा असर पड़ रहा है। पंचायतों ने उपायुक्त को आगामी वर्ष होने वाले टेंडर में उनके गांवों में शराब का ठेका खोलने के लिए टेंडर न जारी करने की चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में गांवों में शराब के ठेके खोले गए तो वे इसका न केवल कड़ा विरोध करेंगे, बल्कि शराब के ठेकों पर ताला भी जड़ देंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें