फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मांग न मानी तो मजदूरो ने दी हड़ताल की चेतावनी

Mon, 25 Apr 2016 10:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
विज्ञापन
मंडी में प्रदर्शन करते मजदूर - फोटो : Bureau
विज्ञापन
मंडी की कच्चा आढ़ती मजदूर यूनियन ने आढ़तियों द्वारा मजदूरी के रेट कम देने को लेकर सोमवार को मजदूरों ने नारेबाजी कर रोष प्रदर्शन किया और हड़ताल की घोषणा कर दी। समाचार लिखे जाने तक धरना प्रदर्शन जारी था। मार्केट कमेटी सचिव ने दोनों पक्षों को बातचीत के लिए बुलाया है।
विज्ञापन


 मजदूरी को लेकर कच्चा आढ़ती मजदूर यूनियन के सदस्य प्रधान मुकेश कुमार के नेतृत्व में सैकड़ों मजदूर अतिरिक्त अनाज मंडी में एकत्रित हुए। मामले को लेकर कमेटी के सचिव यशपाल मेहता, आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान संजीव बांसल, कच्चा आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान महेंद्र जैन, मोहन चलाना, काका असीर, बिट्टू असीर आदि मौके पर पहुंचे और मजदूरों को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन मजदूर अपनी बात पर अडे़ रहे। प्रधान मुकेश कुमार ने मजदूरों को संबोधित करते हुए कहा कि आढ़तियों द्वारा मजदूरों को सरकार की ओर से निर्धारित मजदूरी से कम मजदूरी देकर उनका शोषण किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा मजदूरों को प्रति बोरी 10 रुपये 13 पैसे रेट देने का फैसला किया गया है, लेकिन आढ़ती उन्हें तय रेट से कम रेट देकर आढ़ती उनका शोषण कर रहे हैं। उन्होंने सरकार द्वारा तय रेट की मजदूरी देने की मांग आढ़तियों से की। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि उक्त विषय को लेकर आढ़तियों की एक बैठक सायं चार बजे होगी। जिसके बाद यदि आढ़तियों ने उन्हें सरकार द्वारा तय मजदूरी नहीं दी तो सभी मजदूर अनाज मंडी में भी अपना कार्य बंद करेंगे और खरीद केंद्रों में भी कार्य को बंद किया जाएगा।
विज्ञापन


 उक्त मामले को लेकर निजी पैलेस में आढ़ती एसोसिएशन व कच्चा आढ़ती एसोसिएशन की एक बैठक मार्केट कमेटी सचिव यशपाल मेहता की अध्यक्षता में हुई। बैठक में सभी आढ़तियों ने कहा कि मंडी डबवाली में जो मजदूरी मजदूरों को दी जाती है वह हम भी देने को तैयार है। आढ़तियों ने अपना तर्क रखते हुए कहा कि गेहूं के सीजन में पावर पंखा भी आढ़तियों का होता है तथा बिजली, डीजल आदि का खर्च भी आढ़ती वहन करते हैं। सभी आढ़तियों ने सहमति जताते हुए डबवाली में तय की गई आठ रुपये 65 पैसे प्रति बोरी के हिसाब से देने की बात कही।

आढ़तियों के फैसले के बाद सचिव मजदूरों के पास अतिरिक्त अनाज मंडी में गए और आढ़तियों द्वारा किए गए फैसले को सुनाया तो मजदूरों ने उसे मानने से इंकार करते हुए पूर्ण रूप से कार्य बंद करने की बात कही। समाचार लिखे जाने तक दोनों पक्षों में घटनाक्रम जारी था और मामले को लेकर सचिव ने आढ़तियों को कमेटी में बुला रखा था। इस मौके पर राकेश कुरंगावाली, सुरेश सिंगला, हरीश सिंगला, जगसीर सिंह गिल, सुरेंद्र पाल सिंह, ओमप्रकाश वाजपेयी, राजेश काका असीर, राजेंद्र गोदारा, सुनील कुमार काली, मोहन लाल, नीतिन गर्ग, जगदेव सिंह, जगजीत शर्मा, प्रेम गर्ग, सुरेंद्र नेहरू, सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें