दो दिन की छुट्टियों के बाद सोमवार को समस्याओं को लेकर प्रदर्शनों का सिलसिला दिन भर जारी रहा। लघु सचिवालय में दिन भर जिंदाबाद-मुर्दाबाद के नारे गूंजते रहे। लोगों ने अपनी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे। उमस भरी गर्मी में प्रदर्शनों में शामिल होने से महिलाएं भी पीछे नहीं रही। लघु सचिवालय के गेट के बाहर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई थी, ताकि कोई प्रदर्शनकारी सचिवालय में न घुस सके। मजदूर, किसान, विद्यार्थी सहित अनेक वर्ग अपनी फरियाद को प्रदर्शन के जरिए अधिकारियों तक पहुंचने का प्रयास कर रहे थे। गुप्तचर विभाग के कर्मी भी दिन भर इन प्रदर्शनकारियों के इर्द-गिर्द चक्कर काटते दिखाई दे रहे थे। आम आदमी पार्टी कार्यकर्ता दोपहर की गर्मी में ही भ्रष्टाचार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।
आप कार्यकर्ताओं ने अधिकारियों व डिपो होल्डर पर लगाए राशन हड़पने के आरोप
सिरसा। गांव तरकांवाली में बीपीएल राशन कार्ड धारक ग्रामीणों को पिछले सात माह का राशन न दिए जाने पर सोमवार को ग्रामीणों ने आम आदमी पार्टी के बैनर तले लघु सचिवालय के आगे प्रदर्शन किया। अधिकारियों व डिपो होल्डर पर उनका राशन गबन करने का आरोप लगाते हुए उनका राशन दिलाने तथा आरोपियों पर मामला दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
इससे पूर्व आप पदाधिकारियों व ग्रामीणों ने चौ. देवीलाल सामुदायिक पार्क में बैठक की और वहां से पैदल रोष मार्च करते हुए लघु सचिवालय तक पहुंचे। आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष संदीप सिंवर, राष्ट्रीय परिषद के सदस्य प्रह्लाद सिंह भारूखेड़ा, अनुशासन समिति की राज्य कार्यकारिणी के सदस्य दीपक मेहर, ग्रामीण बलवंत, रविदास, जयवीर, राजेश, मुकेश, प्रोमिला, रोहताश, सुमित्रा, धर्मपाल लोट, महेंद्र, खजानी देवी, रामकुमार आदि ने कहा कि जिला में राशन माफिया सक्रिय है, जो सरकार द्वारा गरीबों के लिए भेजे गए राशन की कालाबाजारी करता है।
आप कार्यकर्ता प्रदर्शन करते हुए ग्रामीण के साथ दोपहर सवा 12 बजे लघु सचिवालय के गेट तक पहुंचे, लेकिन उपायुक्त द्वारा अधिकारियों की ली जा रही मीटिंग के कारण कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। एसडीएम के रीडर बेशक उनसे बात करने पहुंच गए, लेकिन प्रदर्शनकारी किसी बड़े अधिकारी को भेजकर समस्या सुनने की बात पर अड़ गए। इसके बाद ज्ञापन लेने के लिए सीटीएम मौके पर पहुंचे लेकिन उन्होंने भी एक महीने का समय मांगा, जिस पर प्रदर्शनकारियों ने रोष जताया और उन्हें भी मांग पत्र नहीं सौंपा। इसके बाद करीब डेढ़ बजे डीएफएससी खुद मौके पर आए और उन्होंने एक सप्ताह में पिछले छह माह का बकाया राशन बंटवाने का आश्वासन दिया, जिस पर प्रदर्शनकारी शांत हुए।
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वैदवाला के 60 परिवारों की शिकायत
सिरसा। प्रदर्शनों की कड़ी में गांव वैदवाला के भी लगभग 60 परिवारों के लोग गांव के डिपो होल्डरों द्वारा उन्हें समय पर और पूरा राशन न देने का आरोप लगाते हुए उपायुक्त से शिकायत करने पहुंचे। इससे पूर्व उन्होंने विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया।
यहां पहुंचे सरपंच प्रतिनिधि सर्वजीत सिंह, सुरेंद्र सिंह, सुखचैन सिंह, मुंशीराम, रामंचद्र, जयवीर, गुरमीत, हरजीत, गुरमेल सिंह, रोशनी, कोमल, सुंदर रानी आदि ने आरोप लगाया कि उनके गांव में दो डिपो होल्डर हैं और दोनों ही पिछले एक साल से राशन देने के नाम पर परेशान कर रहे हैं। अधिकतर समय राशन की दोनों दुकानें बंद रखी जाती हैं और जब वे राशन लेने जाते हैं तो उन्हें राशन न होने की बात कहकर धक्के देकर निकाल दिया जाता हैं, जबकि प्रतिमाह सरकार द्वारा उनके लिए राशन भेजा जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों डिपो धारक गरीबों को राशन न देकर बाजार मे़ं ब्लैक में बेच रहे हैं।
गांव बप्पां की रोड़ी ब्रांच नहर में नहर की सफाई के मनरेगा के तहत करवाए जा रहे कार्य से महिला मनरेगा मजदूरों को हटाने के विरोध में आज सभी मनरेगा मजदूर उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारी को मांग पत्र सौंपकर आरोपी अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए निकाली गई महिलाओं को दोबारा काम देने की मांग की।
इससे पहले चौ. देवीलाल सामुदायिक पार्क में मनरेगा मजदूर एकत्रित हुए और जहां से प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। प्रदर्शन कर रहे गांव बप्पां के मनरेगा मजदूरों रानी, ज्योति, सुशीला, रानी, ममता, अमरजीत, सीमा, कृष्णा, सविता, भावना, छिंद्रपाल, सुनीता, गोगी, करतार सिंह, कुलदीप, बलजीत, रणजीत कौर, गुरमीत कौर आदि ने कहा कि बप्पां गांव की रोड़ी ब्रांच की नहर की सफाई के लिए करीब पांच दिन पहले मनरेगा योजना के तहत काम शुरू करवाया गया था, जिसके लिए बप्पां में ही रहने वाले 150 महिलाओं व पुरूष मजदूरों का मस्ट्रोल बनाया गया था। आरोप है कि एसडीओ व एक्सईएन ने आज 80 के करीब महिला मजदूरों को यह कहकर काम से हटा दिया गया कि महिलाओं को नहर की सफाई का काम नहीं दिया जाएगा और उनकी जगह दूसरे गांव चामल के मजदूरों को लगा दिया। इसके विरोध में सभी मनरेगा मजदूरों ने काम बंद कर दिया और आज लघु सचिवालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। मनरेगा मजदूरों ने यह भी आरोप लगाया कि उनके केवल नहर में उगे घास व झाडिय़ों को ही हटाने की बात कही गई थी, लेकिन अधिकारियों द्वारा नहर के बाहर उगे कीकर, पौधे, घास, मिट्टी आदि हटाने का काम करवाकर उनका शोषण किया जा रहा है। उन्होंने अतिरिक्त उपायुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए आरोपी एसडीओ व एक्सईएन के खिलाफ कार्रवाई करने तथा हटाई गई महिला मजदूरों को दोबारा से काम पर रखे जाने की मांग की।
किसानों को फसल बीमा की प्रत्येक शर्त से करवाए अवगत: झोरड़
अखिल भारतीय स्वामीनाथन संघर्ष समिति के सदस्यों ने सोमवार को उपायुक्त से मुलाकात की और उन्हें किसानों से संबंधित मांगों का ज्ञापन सीएम के नाम सौंपा। यहां पहुंचे समिति के अध्यक्ष विकल पचार, किसान यूनियन के जिला प्रधान प्रकाश मेहरा, शशीपाल झोरड़, लाधुराम, भजनलाल, दलीप सिंह, राजू जोधपुरिया, ख्यालीराम, कृष्ण ढाका आदि ने बताया कि सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तो शुरू कर दी है, लेकिन इसकी प्रत्येक शर्त से किसानों को अवगत नहीं करवाया है। ऐसी बीमा योजनाओं में कुछ छिपी शर्तें होती हैं, जिस कारण किसानों को बाद में काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से सरकार से किसानों को फसल बीमा योजना की पूरी जानकारी देने तथा प्रत्येक शर्त का खुलासा करने, किसान की मर्जी के बिना फसल का बीमा न करने, किसान की जानकारी के बिना उसके बैंक खाते से बीमा की राशि निकालने का काम बंद करने तथा बीमा कम्पनियां किस प्रकार ओर किन शर्तों पर मुआवजा देगी इसकी जानकारी देने की मांग की।
एबीवीपी ने की 20 प्रतिशत सीटें बढ़ाने की मांग
सिरसा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों व सदस्यों ने सोमवार को राजकीय नेशनल महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. सुमन गुलाब को हरियाणा सरकार के नाम मांग पत्र सौंपकर प्रदेश के प्रत्येक महाविद्यालय में हर संकाय की 20 प्रतिशत सीटें बढ़ाने की मांग की। नगर मंत्री जितेंद्र, कुलदीप, रजत, रोहताश, संजय, सुमित, कर्ण आदि ने कहा कि सिरसा के राजकीय नेशनल महाविद्यायल तथा राजकीय महिला महाविद्यालय सहित प्रदेश के हर सरकारी कॉलेज में बीए, बीकॉम व बीएससी प्रथम वर्ष में सीटें कम होने के कारण अनेक विद्यार्थी प्रवेश से वंचित रह गए हैं। ऐसे अधिकतर विद्यार्थी ग्रामीण क्षेत्र से संबंधित हैं। कॉलेज में एडमिशन न होने के कारण अब उनके सामने आगे पढ़ाई जारी न रख पाने का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रवेश न ले पाने के कारण उन्हें मजबूरी में पढ़ाई छोडनी पड़ेगी, जिस कारण उसका न केवल एक साल बर्बाद हो जाएगा, बल्कि वह मानसिक परेशानी के चलते नशे की गर्त में भी जा सकता है। ऐसे में विद्यार्थियों की परेशानी को देखते हुए प्रदेश सरकार प्रदेश के प्रत्येक कॉलेज में 20 प्रतिशत सीटें बढ़ाए ताकि दाखिले से वंचित रहे विद्यार्थियों को प्रवेश मिल सके और वे अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। इसके साथ ही उन्होंने सायंकालीन पारी में प्रवेश लेने वाले ऐसे विद्यार्थी जो प्रात:काल की पारी में शिफ्ट होकर पढ़ाई करना चाहते हैं, उन्हें भी यह सुविधा प्रदान करने की मांग की।