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बेटी होने का अधिकार मांगने पाने के लिए लघु सचिवालय पहुंची विवाहिता

Tue, 19 Jul 2016 01:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा
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अधिकार मांगा - फोटो : bureau
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 प्रेम नगर में एक विवाहिता ने एसडीएम डबवाली को एक मांगपत्र देकर बेटी होने का अधिकार मांगा है। युवती ने बताया कि अब तक वह जिसे अपना पिता कह रही है असल में वह उसका जीजा लगता है। उसने बताया कि उसके पिता की मौत के बाद जीजा ने उसे गोद लिया था। उसके तथाकथित पिता ने उसकी शादी की। इतना ही नहीं जब वह रिश्ता ढूंढने जाता था तो उसे अपनी बेटी बताता था। लेकिन शादी के बाद उसके तथाकथित पिता बेटी के सभी संबंध तोड़कर, उससे साली जैसी रिश्तेदारी निभा रहे हैं।
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बेटी होने का अधिकार मांगने के लिए सोमवार को विवाहिता अपनी बेटी, पति और मोहल्ले की कुछ महिलाओं को लेकर लघु सचिवालय पहुंची थी। सभी ने हाथ में तख्तियां उठा रखी थीं, जिस पर लिखा था कि 'बेटी को बाप से इंसाफ चाहिए, 'बेटी वारिस है, बेटी पारिस है, 'मुझे मेरा हक चाहिए। काफी देर तक महिलाएं एसडीएम प्रशांत कुमार की प्रतीक्षा करती रहीं। बाद में उनके कार्यालय में स्टेनों को शिकायत दर्ज करवाई। पूनम बाला ने बताया कि वह मूल रूप से गांव खुड्डियां (पंजाब) की रहने वाली है। वर्ष 1985 में उसके पिता मदन लाल ग्रोवर का निधन हो गया था। उसकी बड़ी बहन डबवाली में शादीशुदा थी। उसके दो बेटे थे। ऐसे में बेटी के रूप में उसके जीजा ने उसे गोद ले लिया। वर्ष 2001 में खुद को पिता बताते हुए उसका विवाह प्रेम नगर में सतीश धवन के साथ किया। शादी के कुछ वर्षों बाद उससे बेटी का रिश्ता तोड़ लिया गया।
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