हरियाणा के सिरसा के कालांवाली क्षेत्र में कालांवाली-रोड़ी रोड पर स्थित शुक्रवार शाम लगी आग 30 घंटे बाद भी नहीं बुझ सकी है। दमकल विभाग की पांच गाड़ियां लंबे समय से आग को बुझाने में लगातार जुटे हैं। इसके बावजूद आग बढ़ती जा रही है। आग के कारण उठने वाले धुएं से शहर समेत आसपास के गांवों के लोग भी परेशान हो गए हैं।
कालांवाली-रोड़ी रोड पर मालवा ग्रीन फ्यूल कंपनी के नाम से एक फैक्टरी है। वहां पराली से गिट्टियां बनाने का कार्य होता है। इस फैक्टरी में पराली की बड़ी-बड़ी गांठें रखी गईं हैं। बताया गया है कि इस फैक्टरी में पराली के 12 स्टेग समेत 70,000 क्विंटल पराली पड़ी थी।
शुक्रवार शाम करीब पांच बजे मशीन की मोटर शाॅर्टसर्किट हो गया। इस कारण फैक्टरी के मैदान में पड़ी पराली में आग लग गई। काबू पाने तक आग तेजी से फैल गई और चारों ओर धुआं फैल गया। करीब 30 घंटे बाद भी इस पराली में लगी आग पर काबू नहीं पाया जा सका। शनिवार रात आठ बजे तक डबवाली, कालांवाली और सिरसा दमकल विभाग की पांच गाड़ियां आग पर काबू करने के प्रयास में जुटी रहीं।
अन्य फैक्टरी मालिक भी आए आगे
आग लगने का पता चलते ही कालांवाली की सभी फैक्टरी मालिक मदद करने के लिए आगे आए। उन्होंने अपने ट्रैक्टर, लोडर, जेसीबी मौके पर पहुंचाई। करीब 30 घंटे की मशक्कत के बाद आग को आगे बढ़ने से रोका गया। अभी आग सीमित क्षेत्र में फैली है जिसे बुझाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है।
धुएं से हो रही खांसी, सर्दी और आंखों में जलन
पराली में लगी आग के कारण फैक्टरी के आसपास के क्षेत्रों में चारों ओर घना धुआं दिखाई दे रहा है। इससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है। धुएं के कारण लोगों को खांसी, नाक से पानी आने और आंखों में जलन की शिकायत भी हो रही है।
फैक्टरी मालिक सीए मनु बांसल ने बताया कि गर्मी में फैक्टरी में कम स्टाॅक रखा जाता है। यह स्टाॅक पिछले सीजन का है। बिजली निगम में जनवरी 2024 में कनेक्शन के लिए आवेदन किया गया था। जिसे पहले निगम ने निरस्त कर दिया। फिर फरवरी में दूसरी बार आवेदन किया गया। कनेक्शन पास होने के करीब पांच माह बाद जुलाई में बिजली कनेक्शन दिया गया। इस कारण पराली ज्यादा एकत्र हो गई। आग से बड़ा नुकसान हुआ है।