महिलाओं को सम्मानित करते हुए डाॅ. इंदर गोयल।
सिरसा। अखिल भारतीय सेवा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डाॅ. इंद्र गोयल ने कहा कि मौन साधना एक शक्तिशाली और प्रभावी तरीका है, जो व्यक्ति को अपने आंतरिक स्वरूप को समझने और परमात्मा की अभिव्यक्ति का अनुभव करने में मदद करता है। मौन साधना के माध्यम से व्यक्ति अपने मन और आत्मा को शांत और स्थिर कर सकता है, जिससे वह अपने जीवन के उद्देश्य और अर्थ को बेहतर ढंग से समझ सकता है।
डाॅ. इंद्र गोयल ने पीर बस्ती, बाबा बालक नाथ मंदिर, सालासर धाम मंदिर, ब्रह्मकुमारी आश्रम, हरि भोजन, श्री राम चेरिटेबल ट्रस्ट, तृप्ता वेलफेयर सोसाइटी की ओर से छबील और धार्मिक कार्यक्रम में शिरकत की। डाॅ. इंद्र गोयल ने 26 जून से 40 दिन तक लगातार 22 घंटे 30 मिनट तक का मौन और केवल एक घंटा 30 मिनट तक संवाद जोकि 4 अगस्त तक के लिए संकल्पित हैं।
डाॅ. गोयल ने मौन साधना संकल्प यात्रा के दौरान हर रोज सेवा कार्य किया। मौन साधना के कई लाभ से मानसिक शांति और स्थिरता मिलती है, जिससे व्यक्ति अपने जीवन को बेहतर ढंग से जीने में सक्षम होता है। मौन साधना से आत्म-ज्ञान की प्राप्ति होती है, जिससे व्यक्ति अपने जीवन के उद्देश्य और अर्थ को समझने में सक्षम होता है। मौन साधना से आध्यात्मिक विकास होता है।
मौन साधना करने के लिए एक शांत और आरामदायक स्थान चुनें। एक आरामदायक आसन में बैठें और अपने शरीर को स्थिर रखें। अपने मन को शांत करने के लिए गहरी सांस लें और छोड़ें, मौन रहें और अपने मन को स्थिर रखें। मौन साधना का नियमित अभ्यास करें और इसके लिए एक निश्चित समय और स्थान निर्धारित करें।
मौन साधना एक शक्तिशाली और प्रभावी तरीका है जो व्यक्ति को अपने आंतरिक स्वरूप को समझने और परमात्मा की अभिव्यक्ति का अनुभव करने में मदद करता है। मौन साधना से मानसिक शांति, आत्मज्ञान, आध्यात्मिक विकास और नकारात्मक विचारों से मुक्ति मिलती है।