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डॉक्टरों की रही सांकेतिक हड़ताल, घंटों इंतजार के बाद बिन उचार के लौटे लोग

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जांच करवाने के लिए नागरिक में डॉक्टर का इंतजार करते मरीज। - फोटो : Sirsa
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सिरसा। स्वास्थ्य विभाग में सीनियर मेडिकल ऑफिसर यानी एसएमओ की सीधी भर्ती रोकने और स्पेशलिस्ट की कमी दूर करने सहित अन्य मांगों को लेकर सरकारी डॉक्टर कार्य छोड़ मंगलवार को दिनभर सांकेतिक हड़ताल पर रहे। डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने के कारण एक हजार से अधिक मरीजों को बिना जांच करवाए और घंटों इंतजार करने के बाद बैरंग वापस लौटना पड़ा। वहीं डॉक्टरों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि अगर उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो वह 14 जनवरी को सभी तरह की स्वास्थ्य सेवाएं बंद करने को मजबूर होंगे।
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मंगलवार को सुबह आठ बजे से ही मरीज जांच करवाने के लिए नागरिक अस्पताल में पहुंचे। लेकिन हरियाणा सिविल मेडिकल एसोसिएशन (एचसीएमए) के आह्वान पर डॉक्टर मरीजों को देेखने के लिए ओपीडी में नहीं आए। ऐसे में अपनी सीट से डॉक्टर को नदारद देख मरीजों की परेशानी बढ़ गई। मरीज डॉक्टर के केबिन के बाहर घंटों तक बैठ डॉक्टर के आने का इंतजार करते हुए नजर आए लेकिन कर्मचारियों ने डॉक्टर के हड़ताल पर होने की जानकारी दी तो घंटों इंतजार करने के बाद मरीजों को बिना जांच करवाए बैरंग लौटना पड़ा। हालांकि डॉक्टरों की ओर से इमरजेंसी सेवाओं को बहाल रखा गया है। इमरजेंसी होने पर डॉक्टरों ने उनकी जांच करने और पट्टी करने का भी कार्य किया। डॉक्टरों की हड़ताल होने के कारण ओपीडी, दवाईयां, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड और सैंपल लेने की प्रक्रिया भी बंद रही। जिसके कारण मरीजों को इस परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं डॉक्टर कार्य छोड़ ट्रेनिंग सेंटर में दिनभर रोष प्रदर्शन करते रहे।
एक हजार से अधिक मरीजों की होती है अस्पताल में ओपीडी
जिला स्वास्थ्य विभाग के पास कुल 145 डॉक्टर है। जोकि अलग-अलग अस्पतालों और सीएचसी सेंटरों पर अपनी सेवाएं देते हैं। मंगलवार को हरियाणा सिविल मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर डॉक्टरों ने सांकेतिक हड़ताल कर दी। जिसके कारण मरीजों की जांच नहीं हो पाई। जिला नागरिक अस्पताल में हर रोज एक हजार से अधिक मरीज जांच करवाने के लिए पहुंचते है। वहीं डबवाली और अन्य सीएचसी केंद्रों पर भी काफी संख्या में मरीज जांच करवाने पहुंचते है। मरीजों की जांच न हो पाने के कारण उन्हें इस परेशानी का सामना करना पड़ा।
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यह रही डॉक्टरों की मुख्य मांगे
वहीं एसोसिएशन के जिला प्रधान डॉ. गुरविंद्र गिल ने बताया कि स्पेशलिस्ट काडर बनाकर सरकारी अस्पतालों में स्पेशलिस्ट की कमी को पूरा किया जाए। अधिक से अधिक सरकारी डॉक्टरों को स्पेशलिस्ट की ट्रेनिंग मुहैया करवाई जाए। एसएमओ की सीधी भर्ती को रोका जाए। ताकि अधिक से अधिक स्पेशलिस्ट सरकारी नौकरी पर आए, ताकि आम जनता को सीधा लाभ मिल सके।
चेतावनी : डॉक्टर बोले 14 तक मांगे नहीं हुई पूरी तो करेंगे सभी सेवाएं बंद
वहीं डॉक्टरों ने बताया कि मंगलवार को उनकी ओर से सांकेतिक हड़ताल की गई है। वहीं उन्होंने कहा कि अगर उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो 14 जनवरी को वह हर तरह की सेवाओं को बंद करने को मजबूर होंगे। वहीं उन्होंने बताया कि दिसंबर माह में भी इन्हीं मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे थे। जिसके बाद सरकार की ओर से उन्हें 10 से 15 दिनों का आश्वासन दिया था लेकिन अभी तक उनकी मांगों पर कोई सुनवाई नहीं है।
भाई की जांच करवाने के लिए नागरिक अस्पताल में पहुंचे हैं। अस्पताल में पहुंचने के बाद डॉक्टरों की हड़ताल होने की जानकारी मिली है। अब बिना जांच करवाने के ही वापस लौटना पड़ेगा।
गुरमीत सिंह, रानियां
जांच करवाने के लिए सुबह नौ बजे अस्पताल में पहुंचे हैं। पहले पर्ची कटवाई है लेकिन इसके बाद अब बैठ इंतजार करना पड़ रहा है। डॉक्टरों की हड़ताल होने की जानकारी मिली तो परेशान होकर वापस लौटना पड़ रहा है।
सुमन, भरोखा
सुबह जल्दी जांच करवाने के लिए पंजुआना से सिरसा पहुंचे थे और अल्ट्रासाउंड करवाना है। लेकिन अभी तक जांच नहीं हो पाई है। अस्पताल की ओर से एक डॉक्टर को जांच के लिए बैठाया गया है लेकिन संख्या अधिक होने के कारण इंतजार करना पड़ रहा है।
प्रीति, पंजुआना
सुबह नौ बजे के बैठे डॉक्टर आने का इंतजार कर रहे है। मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण अधिकारियों की ओर से पहले से ही अन्य डॉक्टर का इंतजाम किया जाना था। ताकि मरीजों की जांच हो सके।
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अनीता, प्रीतनगर
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