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डिस्पेंसरी और आईसीयू वार्ड में कर्मचारियों की कमी, डेपुटेशन पर स्टाफ भेज चलाया जा रहा है काम

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नागरिक अस्पताल की डिस्पेंसरी से दवाई लेने के लिए लाइन में लगे मरीज। - फोटो : Sirsa
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सिरसा। नागरिक अस्पताल में कोरोना काल में तैनात किए गए कर्मचारियों को स्वास्थ्य विभाग ने रिलीव कर दिया है। ऐसे में अस्पताल की डिस्पेंसरी, आईसीयू वार्ड, स्टाफ नर्स सहित अन्य स्टाफ की काफी कमी हो गई है। जिसके कारण मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नागरिक अस्पताल की डिस्पेंसरी एक फार्मासिस्ट के सहारे चल रही है। जबकि डेपुटेशन पर कंप्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति की गई है। वहीं आईसीयू वार्ड को खोल दिया गया है लेकिन यहां पर अतिरिक्त स्टाफ न होने के कारण इमरजेंसी में तैनात वार्ड को ही नियुक्त किया गया है।
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कोरोना काल के दौरान स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्टाफ नर्स, लैब तकनीशियन, फार्मासिस्ट, डाटा ऑपरेटर सहित कुल 71 कर्मचारियों की नियुक्त की गई थी। लेकिन 31 मार्च से कोरोना काल के दौरान रखे पूरे स्टाफ को अब रिलीव कर दिया गया। जिसके बाद अब रेगुलर कर्मचारियों पर पूरी जिम्मेदारी आ गई है। रेगुलर कर्मचारियों को ही एक जगह से दूसरी जगह पर शिफ्ट किया जा रहा है। हालांकि दोबारा से ज्वाइन करवाने की मांग को लेकर कर्मचारी अस्पताल में धरने पर बैठने कर सरकार के खिलाफ रोष प्रकट कर रहे हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से कर्मचारी दिए जाने की मांग को लेकर मुख्यालय को पत्र भेज मांग की गई है। कर्मचारियों के कारण मरीजों को एक जगह से दूसरी जगह पर चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ रहा है।
हर रोज एक हजार मरीज लेने के लिए पहुंचते है दवाई
नागरिक अस्पताल में दो फार्मासिस्ट, एक कंप्यूटर ऑपरेटर और एक जीडीए की आवश्यकता है। लेकिन अभी पूरी जिम्मेदारी एक ही फार्मासिस्ट पर है। जबकि डिमांड किए जाने के बाद एक अन्य कर्मचारी को डेपुटेशन पर भेजा गया है। लेकिन स्थायी कर्मचारी न होने के कारण मरीजों को भी इस परेशानी का सामना करना पड़ता है। अस्पताल में हर रोज एक हजार के करीब मरीज दवाई लेने के लिए पहुंचते है। डिस्पेंसरी में कर्मचारियों की कमी होने के कारण मरीजों को घंटों इस परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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आईसीयू में नहीं स्टाफ, इमरजेंसी में तैनात कर्मचारियों को किया नियुक्त
नागरिक अस्पताल में बने आईसीयू वार्ड में भी कर्मचारियों की भारी कमी है। करीब एक सप्ताह बाद आईसीयू वार्ड को खोला गया है। ऐसे में इमरजेंसी वार्ड के सभी मरीजों को आईसीयू वार्ड में भर्ती किया गया है। स्टाफ की कमी होने के कारण मरीजों को भी आईसीयू वार्ड की पूरी सुविधा नहीं मिल पा रही। इमरजेंसी वार्ड के कर्मचारियों को ही आईसीयू में शिफ्ट गया है। वहीं कर्मचारियों की कमी के चलते अब कोरोना वैक्सीनेशन और लैब का कार्य भी प्रभावित हो रहा है।
धरने पर बैठे कर्मचारियों ने सीएमओ को सौंपा मांग पत्र
स्वास्थ्य विभाग की ओर से रिलीव किए गए 71 कर्मचारियों ने दोबारा से नियुक्ति दिए जाने की मांग को लेकर बुधवार को अस्पताल में धरना दिया। इस दौरान कर्मचारियों ने प्रदर्शन करते हुए सीएमओ को मांग पत्र सौंपा। वहीं कर्मचारियों ने मांग करते हुए कहा कि विभाग की ओर से उन्हें दोबारा से नियुक्ति दी जाए। जिसके बाद सीएमओ ने स्वास्थ्य मंत्री को मांग पत्र भेजने व उनकी समस्या का हल करवाने का आश्वासन दिया है। वहीं सर्व कर्मचारी संघ के जिला सचिव राजेश भाकर ने बताया कि वह बुधवार को डीजी हेल्थ पंचकूला कार्यालय का घेराव करेंगे और इसके बाद आगे के आंदोलन की रणनीति बनाएंगे।
कोरोना के दौरान कर्मचारियों की अस्थाई तौर पर नियुक्ति की गई थी। जिसके बाद मुख्यालय की ओर से उन्हें रिलीव करने के आदेश दिए गए है। मुख्यालय के आदेशों के बाद ही कर्मचारियों की दोबारा से नियुक्ति की जा सकती है। फील्ड के स्टाफ को अस्पताल में बुलाकर काम किया जा रहा है। डिस्पेंसरी में भी डेपुटेशन पर स्टाफ दिया गया है।
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-डॉ. बुधराम, उप सिविल सर्जन, सिरसा।

नागरिक अस्पताल में धरने पर बैठे रिलीव किए गए मरीज। - फोटो : Sirsa

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