संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहर के रानियां बाईपास पर जनस्वास्थ्य विभाग की मुख्य सीवर लाइन दूसरी बार धंस गई है। जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक आसपास की फैक्टरियों से आने वाला रसायन परेशानी का सबब बना है। इन सभी का अपशिष्ट मुख्य लाइन में आता है और पुरानी लाइन तेजी से गलने लगती है। पहले ही शौचालय और अन्य अपशिष्ट से गैस और एसिड बनता है। पुरानी लाइन इसका दबाव झेल सकती है लेकिन फैक्टरियों के रसायन के दुष्प्रभाव को झेलने में लाइन अक्षम है। इसी कारण एक ही जगह से लाइन दूसरी बार क्षतिग्रस्त हुई है। ऐसे में अब जांच करके रसायनयुक्त पानी डालने वाली फैक्टरियों को नोटिस दिए जाएंगे और उनके कनेक्शन काटे जाएंगे।
सड़क धंसने से शहरी क्षेत्र की 30 प्रतिशत सीवरेज प्रणाली प्रभावित हुई है। इन क्षेत्रों के लोगों को सीवरेज संबंधी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इनमें लघु सचिवालय से डिप्टी सीएम आवास का क्षेत्र भी शामिल है। इस लाइन को ठीक करने में विभाग की ओर से एस्टीमेट बनाया गया है। एस्टीमेट के आधार पर ही विभाग कार्य करवाएगा। हालांकि इस कार्य में कितना समय लगेगा, इसका जवाब नहीं मिल पा रहा है। फिलहाल वहां बैरिकेड और दिशासूचक लगाया गया है। रात और अलसुबह गुजरने वाले वाहनों के कारण खतरा बना है।
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एक साल पहले भी मार्च में धंसी थी यह लाइन
भारी ट्राले के गुजरने के कारण आठ मार्च 2024 की सुबह करीब छह बजे रानियां बाईपास पर सड़क धंस गई थी। इसका कारण 20 फुट गहरी मुख्य सीवर लाइन का लीक होना बताया गया। आसपास के लोगों ने तुरंत फोन कर हेल्पलाइन नंबर को 112 घटना की सूचना दे दी थी। इसके बाद पुलिस ने अवरोध लगाकर दोनों ओर से बाईपास को बंद कर दिया। तब अधिकारियों को लाइन दुरुस्त करने में 20 दिन का समय लगा था।
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50 फीट की दूरी से फटी लाइन
एक साल पहले जहां से सीवर लाइन टूटी थी। उससे 50 फीट की दूसरी से ही दोबारा लाइन टूटी है। गेहूं और सरसों ढुलाई के दौरान भारी वाहनों को बाईपास से गुजारा जा रहा है। आवासीय क्षेत्र होने के कारण लोगों का भी दिन-रात आवागमन जारी है। इसके बावजूद रास्ता बंद न करने के कारण इस बार हादसे का खतरा है।
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यह क्षेत्र होगा प्रभावित
जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार मुख्य लाइन को चतरगढ़पट्टी फाटक के नीचे गुजार कर लाया गया है। इस कारण प्रेमनगर, राम कॉलोनी, डीसी कॉलोनी, अग्रवाल कॉलोनी, लघु सचिवालय, पुलिस लाइन, बस स्टैंड के आसपास के क्षेत्र समेत कई अन्य कॉलोनियां इस लाइन से जुड़ी हैं। इन सभी क्षेत्रों का सीवरेज का पानी इसी मुख्य लाइन से निकाला जाता है।
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सीवरेज लाइन में बिना ट्रीट किया हुआ पानी नहीं डाल सकती इंडस्ट्री
जन स्वास्थ्य विभाग के नियमानुसार कोई भी इंडस्ट्री सीवरेज लाइन में बिना ट्रीट किया हुआ पानी नहीं डाल सकती है। यदि कोई इंडस्ट्री डाल रही है तो उसके खिलाफ पर्यावरण प्रदूषण बोर्ड और जन स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई अमल में ला सकते है। लाइनों को होने वाले नुकसान को देखते हुए जन स्वास्थ्य विभाग को इन फैक्ट्रियों को नोटिस देकर उनका कनेक्शन बंद करना होगा।ऐसे में जल्द ही विभाग द्वारा इन इंडस्ट्रीज को नोटिस जारी किए जाएंगे।
कोट्स
सीवर लाइन में आसपास की फैक्टरियों से रसायनयुक्त पानी आ रहा है। इससे लाइन को अधिक नुकसान पहुंच रहा है। सीवर की क्षतिग्रस्त मुख्य लाइन को दुरुस्त करने के लिए एस्टीमेट बनाया जा रहा है। इसे मंजूरी मिलने के बाद लाइन को दुरुस्त करवाया जाएगा। वहीं जांच करके रसायनयुक्त पानी डालने वाली फैक्टरियों को नोटिस दिए जाएंगे और उनके कनेक्शन काटे जाएंगे। - संदीप कुमार, एसडीओ, जन स्वास्थ्य विभाग, सिरसा।