सिरसा। जिलाधीश पार्थ गुप्ता ने दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत जिला सिरसा में एनडीपीएस एक्ट के तहत नशे के रूप में उपयोग की जाने वाली दवाइयों की खुली/अनियंत्रित बिक्री पर प्रतिबंध लगाया है। इनमें प्रीगाबालिन, टपेंटाडोल, जोपिलोन साल्ट आधारित दवा शामिल है।
जारी आदेशों के अनुसार इन दवाओं की गोली या इंजेक्शन के रूप में कई लोग नशे के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। स्थानीय भाषा में इनके नाम सिग्नेचर, जोडियार, हरा तोता, हरे कैप्सूल और नीला फोर्ट आदि इस्तेमाल किए जाते हैं। थोक एवं खुदरा दवा विक्रेता प्रीगाबालिन की 75 मिलीग्राम से अधिक मात्रा की औषधियों का क्रय-विक्रय नहीं कर सकेंगे। थोक एवं खुदरा दवा विक्रेता बिल के बिना इनकी बिक्री नहीं करेंगे।
थोक दवा विक्रेता उन दवाइयों के क्रय-विक्रय का दैनिक स्टॉक रजिस्टर बैच नंबर सहित जानकारी दर्ज करेंगे। इसकी तिथिवार सूचना उपमंडल स्तर पर प्रत्येक सप्ताह संबंधित उपमंडल अधिकारी को भिजवाएंगे। खुदरा दवा विक्रेता प्रीगाबालिन की 75 मिग्रा टपेंटाडोल, जोपिक्लोन घटक आधारित दवाइयों का विक्रय चिकित्सक की मूल प्रेसक्रिप्शन और पर्ची पर अपनी मुहर व दिनांक अंकित करते हुए करेंगे। वरिष्ठ जिला औषधी नियंत्रक थोक एवं खुदरा दवा विक्रेता के टपेंटाडोल, जोपिक्लोन घटक आधारित दवाइयों क्रय-विक्रय की मासिक रिपोर्ट की जांच कर रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय में भिजवाएंगे।
वरिष्ठ जिला औषधी नियंत्रक, संबंधित उपमंडल अधिकारी व पुलिस विभाग परस्पर समन्वय कर टीमें बनाकर प्रत्येक माह मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण करेंगे। किसी भी प्रकार की अनियमितता या उल्लंघन मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई करेंगे। इसकी रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय में भिजवाएंगे।