सितंबर में ई-टेंडर प्रक्रिया से निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद
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संवाद न्यूज एजेंसी
रानियां। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मम्मड़ खेड़ा की चहारदीवारी पिछले करीब सात वर्षों से क्षतिग्रस्त पड़ी है। चहारदीवारी के दो हिस्से टूटे होने और कई स्थानों पर इसकी ऊंचाई महज दो से तीन फीट रह जाने के कारण विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
विद्यालय प्रशासन की ओर से कई बार विभागीय अधिकारियों को पत्र भेजकर चहारदीवारी के पुनर्निर्माण की मांग की जा चुकी है लेकिन अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। मतुवाला सड़क की तरफ तथा खेल मैदान और विद्यालय के बीच करीब 1200 फीट लंबी चहारदीवारी के दो हिस्से वर्ष 2019 के बाद से टूटे हुए हैं।
दीवार क्षतिग्रस्त होने के कारण आवारा पशु और कुत्ते आसानी से विद्यालय परिसर में प्रवेश कर जाते हैं। इससे विद्यार्थियों की सुरक्षा को खतरा बना रहता है। साथ ही परिसर में गंदगी फैलने, पौधों को नुकसान पहुंचने और खेल मैदान प्रभावित होने की समस्या भी सामने आ रही है। विद्यालय से सटे राजकीय प्राथमिक विद्यालय के छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी अभिभावक चिंतित हैं।
अभिभावकों ने मांग की कि चहारदीवारी का निर्माण जल्द करवाया जाए ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण मिल सके। विद्यालय के प्राचार्य नीरज पाहुजा ने बताया कि चहारदीवारी काफी पुरानी और जर्जर हो चुकी है। इसके पुनर्निर्माण को लेकर विभागीय अधिकारियों को कई बार अवगत करवाया गया है। पूर्व कार्यकारी प्राचार्य विनोद कुमार ने भी अधिकारियों को पत्र भेजकर समस्या से अवगत करवाया था।
31 लाख रुपये का अनुमान, सितंबर में निविदा प्रक्रिया
शिक्षा विभाग के कनिष्ठ अभियंता निशांत कुमार ने बताया कि करीब 1200 फीट लंबी चहारदीवारी के पुनर्निर्माण के लिए 31 लाख रुपये का अनुमान तैयार कर पंचकूला मुख्यालय भेजा गया है। निर्माण कार्य के लिए ई-निविदा प्रक्रिया अपनाई जाएगी। मुख्यालय को अब तक तीन बार स्मरण पत्र भी भेजे जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यालय में लेखा संबंधी समस्या के कारण प्रक्रिया में देरी हुई है। सितंबर माह में ई-निविदा होने के बाद चहारदीवारी का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।