संवाद न्यूज एजेंसी
कालांवाली। शहर की सामाजिक संस्था भक्त नामदेव टांक क्षेत्रीय सभा ने शिरोमणि भक्त नामदेव के 754वें प्रकाशोत्सव पर सुखचैन रोड पर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अनुयायियों, राजनीतिक व धार्मिक संस्थाओं के लोगों ने शिरकत की। इस दौरान आयोजित शिविर में 73 रक्तदाताओं ने रक्तदान किया।
कार्यक्रम में सांसद कुमारी सैलजा, विधायक शीशपाल केहरवाला और बाबा गुरमीत सिंह तिलोकेवाला ने मुख्यातिथि के तौर पर शिरकत की। सांसद कुमारी सैलजा ने संस्था को शेड बनाने के लिए 10 लाख रुपये सहयोग राशि देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पहले के समय संतों ने सेवा कर समाज को एकजुट करने का काम किया। भक्त नामदेव ने सबके भले के लिए काम किया था। आज के समय लोग राजनीति में आकर जनता की सेवा करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके बुजुर्गों ने पहले इस क्षेत्र की सेवा कर क्षेत्र का विकास करवाने का काम किया और अब लोगों ने उनको सेवा करने का मौका दिया है।
परिजन अपने बच्चों को संस्कारी बनाएं : डॉ. दर्शन सिंह
कार्यक्रम के दौरान सभा के प्रधान डॉ. दर्शन सिंह रतन ने बताया कि शिरोमणि भक्त नामदेव के प्रकाशोत्सव को लेकर 6 दिसंबर को श्री अखंड पाठ का प्रकाश किया गया था। आठ दिसंबर को विधिवत रूप से भोग डाला गया है। रागी जत्थे ने कथा कीर्तन के दरबार सजा कर संगत को गुरवाणी के इतिहास सुना कर निहाल किया। उन्होंने कहा कि परिजन अपने बच्चों को संस्कारी बनाएं, ताकि बच्चे समाज के कार्यों में भाग लेने के अलावा बुढ़ापा अवस्था में उनकी सेवा कर सके। भक्त नामदेव टांक क्षेत्रिय सभा ने समाजसेवी संस्थाओं व मेधावी बच्चों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान गुरु का अटूट लंगर बरताया गया। इस मौके पर सभा के संरक्षक मास्टर सुखदर्शन सिंह , प्रधान डॉ दर्शन सिंह रतन , सचिव बूटा सिंह, पूर्व प्रधान बिकर सिंह, पूर्व प्रधान गुरप्रीत सिंह रतन, दलजीत सिंह रतन, एडवोकेट गुरप्रीत सिंह, एडवोकेट हरप्रीत सिंह सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे।
किसानों पर अत्याचार बंद करें सरकार : सैलजा
सांसद कुमारी सैलजा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस तरह से 2 साल पहले किसानों के साथ भाजपा सरकार ने तानाशाही की थी, उसी तरह से एक बार फिर अब शंभू बॉर्डर पर किसानों के ऊपर सरकार बर्बरता कर रही है। अन्नदाता को प्रताड़ित किया जा रहा है। निहत्थे किसानों के ऊपर आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं। किसानों की जायज मांगों के ऊपर भी सरकार बातचीत नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर किसान खुशहाल नहीं होगा, तो देश कभी भी उन्नति नहीं कर सकता। केंद्र सरकार को किसानों के साथ बातचीत करके उनकी मांगों को पूरा करना चाहिए।