गांव शेरगढ़ में बुधवार अलसुबह लुटेरों ने दो घरों को अपना निशाना बनाया। एक घर में भारतीय वायुसेना के पूर्व फ्लाइट लेफ्टिनेंट जगनंदन सिंह के घर पर चार लुटेरों ने धावा बोला और दंपति को घायल कर दिया। बुजुर्ग ने लुटेरों का बहादुरी से सामना किया और उन्हें कमरे से बाहर करते हुए अंदर से कुंडी लगा ली।
घायलों का शोर सुनकर पड़ोसी दौड़े आए तो लुटेरे मौके से फरार हो गए। जाते हुए वे एक मोबाइल ही ले जा सके। दोनों घायलों को उपचार के लिए डबवाली के सरकारी अस्पताल में ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद महिला हरजीत कौर को सिरसा रेफर कर दिया गया।
पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। वहीं, मजदूर मंगा राम के घर में बदमाशों ने अलमारी खोलकर सात हजार रुपये की नकदी और एक तोले सोने के जेवर चुरा लिए।
74 वर्षीय जगनंदन सिंह और 72 वर्षीय उनकी पत्नी हरजीत कौर कमरे में सोए हुए थे। बुधवार अल सुबह चार लुटेरों ने दीवार फांदकर उनके घर में प्रवेश किया। आंगन में लगे एक दरवाजे की कुंडी को तोड़कर भीतर घुसे। लैंडलाइन फोन की केबल को काट दिया।
रॉड से अलमारी के पल्लों को बुरी तरह से तोड़ दिया। लुटेरों ने दूसरे बेडरूम में पड़े एक मोबाइल को उठा लिया। उसे स्विच ऑफ करने के बाद सो रही हरजीत कौर के कानों में पहनी सोने की बालियां उतारने का प्रयास किया। इसी दौरान उनकी आंख खुल गई।
लुटेरे ने उनके सिर पर प्रहार किया। उनकी चीख सुनकर जगनंदन सिंह की आंख खुल गई तो लुटेरे ने उन पर भी डंडे से हमला किया। जगनंदन सिंह ने लुटेरे को पकड़ते हुए कमरे से बाहर किया। खुद को सुरक्षित करते हुए कमरा भीतर से लॉक किया।
बाद में जगनंदन सिंह ने दूसरे कमरे में जाकर पड़ोस में बने गुरुद्वारे के ग्रंथी को आवाज लगाई। आवाज सुनकर ग्रंथी तरसेम सिंह और उनका भतीजा इकबाल सिंह दौड़कर मौके पर पहुंचे। तब तक लुटेरे फरार हो गए थे। उन्होंने दोनों घायलों को उपचार के लिए डबवाली के सरकारी अस्पताल में पहुंचाया।
प्राथमिक उपचार के बाद हरजीत कौर को सिरसा रेफर कर दिया गया। सूचना मिलने पर डीएसपी डबवाली सत्यपाल सिंह, शहर थाना प्रभारी भारतेंद्र कुमार ढिल्लों तथा सीआईए डबवाली के एएसआई राकेश कुमार मौका पर पहुंचे।
प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, चार थे बदमाश
गुरुद्वारा के निकट रहने वाले जगतार सिंह ने बताया कि उत्पात मचाने वाले बदमाशों की संख्या चार हो सकती है। सुबह ढाई बजे चोरों ने गांव वडिंगखेड़ा की ओर से आते कच्चे मार्ग से गांव शेरगढ़ में प्रवेश किया था। जगतार सिंह ने बताया कि बुधवार सुबह करीब ढाई बजे उसने खिड़की से चार लोगों को गांव की ओर आता देखा था, जिनके हाथों में डंडे थे।
बावरिया गैंग पर शक
लूट की वारदात के पीछे पुलिस बावरिया गैंग पर शक जता रही है। चूंकि गांव में विभिन्न जगहों पर चार लोगों के पांवों के निशान मिले हैं। पुलिस का मानना है कि सभी चारों आरोपी नंगे पांव थे। इस प्रकार की वारदात को पेशेवर गैंग ही अंजाम दे सकता है। लुटेरों ने खेतों में बने कोठों में रखी चारपाई को काटकर डंडे बनाए, जिन्हें वारदात के समय प्रयोग किया।
मैं तो शिकायत ही नहीं देना चाहता था
करीब दो साल पहले भी घर पर चोरी हुई थी। हम चोर पकड़वाने को तैयार थे, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। उल्टा मुझसे ही पैसों की मांग की। आज की वारदात के बाद मैं शिकायत दर्ज नहीं करवाना चाहता था, लेकिन परिजनों ने दबाव बनाकर बयान देने के लिए मजबूर किया।
-जगनंदन सिंह, पूर्व फ्लाइट लेफ्टिनेंट, भारतीय वायुसेना
गांव शेरगढ़ में वारदात अंजाम देने के पीछे पेशेवर मुजरिम हैं। जो वारदात करने के बाद वडिंगखेड़ा को जाते कच्चे मार्ग की ओर फरार हो गए। उस रास्ते पर पुलिस को दो संदूक भी मिले हैं, जिनमें कपड़े हैं। वारदात के पीछे बावरिया गैंग का हाथ हो सकता है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
- सत्यपाल सिंह, डीएसपी, डबवाली