5 अक्तूबर से काली पट्टी बांधकर जताएंगे रोष, 12 को हैफेड मुख्यालय का घेराव
संवाद न्यूज एजेंसी
डबवाली। हरियाणा कोऑपरेटिव मार्केटिंग सोसायटी एम्पलाइज यूनियन ने आंदोलन का एलान किया है। यूनियन ने सरकार और हैफेड प्रबंधन के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय नरवाना में हुई प्रदेश स्तरीय विस्तृत कार्यकारिणी बैठक में लिया गया।
यूनियन के प्रदेश महामंत्री हनुमान गोदारा ने बताया। हरियाणा में हैफेड के अंतर्गत करीब 86 सहकारी विपणन समितियां कार्यरत हैं। ये समितियां किसानों की फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद करती हैं। साथ ही किसानों को खाद, बीज, कीटनाशक दवाइयां और उपभोक्ता वस्तुएं उपलब्ध कराती हैं।
गोदारा के अनुसार, इन कार्यों के बदले मिलने वाले कमीशन और सेवा शुल्क में बढ़ोतरी नहीं हुई है। यूनियन वर्ष 2011 से गेहूं खरीद पर 1.33 रुपये प्रति क्विंटल कमीशन बढ़ाने की मांग कर रही है। पिछले वर्ष धान खरीद पर कमीशन घटाकर 1.33 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया था।
इसके विरोध में कर्मचारियों ने पहले भी आंदोलन किया था। सरकार ने समस्या समाधान का आश्वासन दिया था। गोदारा ने बताया कि मुख्यमंत्री से मुलाकात के बावजूद स्थायी समाधान नहीं हुआ है।
आंदोलन का कार्यक्रम
यूनियन की प्रदेश कार्यकारिणी ने आंदोलन का कार्यक्रम तय किया है। पहले चरण में 5 से 11 अक्तूबर 2026 तक कर्मचारी काली पट्टी बांधकर रोष जताएंगे। दूसरे चरण में 12 अक्तूबर 2026 को कर्मचारी हैफेड मुख्यालय, पंचकूला का घेराव करेंगे। गोदारा ने बताया कि मांगों का समाधान न होने पर 12 अक्तूबर को ही आगामी आंदोलन की घोषणा होगी।
अन्य लंबित मांगें
यूनियन की प्रमुख मांगों में गेहूं बीज पर करोड़ों रुपये की लंबित सब्सिडी जारी करना शामिल है। आंगनबाड़ी खाद्य आपूर्ति के परिवहन शुल्क में बढ़ोतरी की भी मांग है। खाद बिक्री मार्जिन बढ़ाना और डीसी रेट पर कार्यरत कर्मचारियों का समायोजन भी मांगा गया है। 1 जनवरी 2024 से संशोधित वेतनमान का लाभ बिना अनावश्यक शर्तों के देने की भी मांग है। सेवा नियमों में संशोधन कर डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद सृजित करने की भी मांग की गई है।