सिरसा।हैंडबॉल खिलाड़ी सचिन अपने कोच संदीप गुच्छा के साथ। कोच
सिरसा। गांव शेखुपुरिया के युवा खिलाड़ी सचिन ने हैंडबाल खेल में कम समय में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। साधारण ग्रामीण परिवेश से निकलकर सचिन ने अपनी मेहनत, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण के दम पर खेल जगत में अलग पहचान बनाई है।
सचिन ने वर्ष 2021 में हैंडबाल खेलना शुरू किया था। शुरुआत से ही उनका रुझान और लगन खेल के प्रति साफ नजर आने लगी थी। नियमित अभ्यास और कड़ी मेहनत के चलते उन्होंने तेजी से प्रगति की और कुछ ही वर्षों में जिला व राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया।
अब तक सचिन 4 से 5 बार राज्यस्तरीय हैंडबाल प्रतियोगिताओं में भाग ले चुके हैं। इन प्रतियोगिताओं में उनके प्रभावशाली खेल ने न केवल चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया, बल्कि टीम को भी मजबूती प्रदान की। सचिन की यह सफलता ग्रामीण युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन रही है और आने वाले समय में उनसे और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।
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सीनियर स्टेट में जीता कांस्य पदक
राज्य स्तर पर खेलते हुए सचिन ने सीनियर स्टेट खेल विभाग की ओर से आयोजित प्रतियोगिता में कांस्य पदक हासिल किया। यह प्रतियोगिता अंबाला में आयोजित हुई थी। इस उपलब्धि ने न केवल सचिन का आत्मविश्वास बढ़ाया, बल्कि गांव और क्षेत्र के युवाओं को भी खेलों के प्रति प्रेरित किया। सचिन की सबसे बड़ी उपलब्धि तब रही जब उन्हें 53वीं सीनियर नेशनल हैंडबॉल चैंपियनशिप में खेलने का अवसर मिला। यह राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता रांची, झारखंड में आयोजित हुई थी। इस प्रतियोगिता में सचिन ने दादर एवं नगर हवेली की टीम का नेतृत्व करते हुए भाग लिया। राष्ट्रीय मंच पर खेलते हुए उन्होंने बेहतरीन खेल भावना और नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया।
खेल के इस सफर में परिवार का सहयोग उनके लिए सबसे बड़ी ताकत रहा है। पिता भूप सिंह ने हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। मेरा सपना है कि वह भविष्य में देश का प्रतिनिधित्व करूं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए पदक जीतूं। -
सचिन, हैंडबाल खिलाड़ी।
आज सचिन की यह उपलब्धियां गांव शेखुपुरिया के युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो किसी भी छोटे गांव से निकलकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा जा सकता है।
- संदीप गुच्छा, कोच