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घूंघट उठाकर बेटी ने लिए फेरे, वर पक्ष ने दहेज में उठाया नारियल और एक रुपया

Tue, 06 Dec 2016 12:55 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
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डबवाली (सिरसा)। रविवार रात को शहर के सुंदर नगर में अध्यापक अमर सिंह बिश्नोई की बेटी ममता की शादी फतेहाबाद के पैट्रो डीलर सुशील बेनीवाल के बेटे अंकुश के साथ हुई। शादी के दौरान बेनीवाल परिवार ने ऐसी शर्तें रखीं, जो समाज के लिए मिसाल हैं। शादी चर्चा का विषय बनी हुई है।
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    बेनीवाल परिवार की पहली शर्त थी कि विवाह मैरिज पैलेस में नहीं, बल्कि घर पर होना चाहिए। बिगड़ते मौसम के चलते वधू पक्ष साज संभाल से डरता था। ऐसे में वर पक्ष के लोगों ने स्वयं डबवाली पहुंचकर पंडाल तैयार करवाया। दूसरी शर्त थी कि दहेज नहीं लेंगे। जो रिश्ते के दौरान ही तय हो गया था। इसके बावजूद परिवार समाज की रस्मों से बंधकर बेटी को सबकुछ देना चाहता था। ऐसे में अमर सिंह ने बेटी के सास-ससुर के लिए सोने की अंगूठियां तक बनवा ली। लेकिन बेनीवाल परिवार ने भरी पंचायत में स्वर्ण आभूषण लेने से इंकार कर दिया। दहेज के नाम पर नारियल तथा एक रुपया उठाया। वर पक्ष की शर्तें अभी खत्म नहीं हुई थी। तीसरी शर्त थी कि बेटी शादी में बिना घूंघट बैठेगी। आमतौर पर अन्य समाज की तरह बिश्नोई समाज में घूंघट प्रथा है। गले तक का घूंघट होता है। ऐसे में जीएनएम पास ममता ने पुराने रीति रिवाजों को त्याग कर घूंघट नहीं लिया। यहीं नहीं बिश्नोई समाज की प्रथा अनुसार ढुकाव, वरमाला के समय भी घूंघट नहीं किया। चौथी शर्त थी कि भारतीय संस्कृति के अनुसार बेटी का कन्यादान घर से होना चाहिए। वधू पक्ष ने इस रीत का भी पालन किया। ऐसी शर्तों के चलते यह शादी चर्चा का विषय बनी हुई है। इस अवसर पर बिश्रोई सभा सचिव इंद्रजीत बिश्रोई, बनवारी लाल गोदारा, सुरेंद्र कुमार गोदारा, अजय कुमार नंबरदार, संत लाल बिश्रोई, हंसराज प्ऱिसिपल, तुलसी राम बिश्रोई, प्रीतम पटवारी, वीरेंद्र, सोमराज पुजारी, अशोक सीगड़ मौजूद थे।


पच्चीस हजार करेंगे दान
ममता की दादी मैना देवी की मृत्यु पांच साल पहले हुई थी। मृत्यु से पहले उन्होंने 25 हजार रुपये की राशि मुझे देते हुए इसे ममता के लिए स्वर्ण आभूषण बनाने के लिए कहा था। बेनीवाल परिवार ने उसे भी लेने से इंकार कर दिया। अब वे इसे दान करेंगे।
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-अमर सिंह

बेटी को पढ़ाया, लिखाया और अच्छे संस्कार देकर उसका पालन पोषण किया। इससे बड़ा दहेज कोई ओर हो नहीं सकता इसलिए उन्होंने अपने बेटे अंकुश की शादी में कोई दहेज नहीं लिया। -सुशील बेनीवाल
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