सात किलोमीटर सड़क निर्माण में विभागीय सुस्ती बनी बाधा, खस्ताहाल मार्ग पर हादसों का बढ़ा खतरा
जनसमस्या
फोटो 3 से लेकर 7 तक
रोड़ी। रोड़ी को पंजाब के तलवंडी साबो क्षेत्र से जोड़ने वाली करीब सात किलोमीटर लंबी सड़क छह वर्षों से अधूरी पड़ी है। निर्माण कार्य ठप होने के कारण क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों व राहगीरों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद निर्माण कार्य में कोई प्रगति दिखाई नहीं दे रही है।
रोड़ी से फत्ता बालू, कलालवाला होते हुए तलवंडी साबो की ओर जाने वाला यह मार्ग सीमावर्ती क्षेत्र के कई गांवों को जोड़ता है। सड़क के निर्माण का कार्य शुरू होने के बाद विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की कमी और प्रशासनिक ढिलाई के चलते यह परियोजना वर्षों से अधर में है। सड़क जगह-जगह से टूट चुकी है और कई हिस्सों में गड्ढों ने मार्ग को खतरनाक बना दिया है।
ग्रामीण इंद्रजीत सिंह, बलजिंदर सिंह, गुरप्रीत सिंह, चमकौर सिंह और नछत्र सिंह ने बताया कि सड़क की बदहाली के कारण वाहन चालकों को रोजाना मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। बरसात के दिनों में हालात और अधिक खराब हो जाते हैं। इससे आवागमन प्रभावित होता है। उन्होंने बताया कि यह मार्ग क्षेत्र के लोगों के लिए पंजाब से संपर्क का प्रमुख साधन है लेकिन वर्षों से निर्माण कार्य लंबित होने के कारण जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
किसान गुरप्रीत सिंह, वीर सिंह व रणवीर सिंह ने बताया कि खराब मार्ग के कारण वाहनों के रखरखाव पर अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है। प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग है कि लंबे समय से रुके पड़े निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए ताकि क्षेत्र के लोगों को राहत मिल सके। संवाद
कोट्स
रोड़ी से तलवंडी साबो को जोड़ने वाला यह मार्ग क्षेत्र की जीवनरेखा है लेकिन पिछले छह वर्षों से अधूरा पड़ा है। टूटी सड़क और गहरे गड्ढों के कारण सफर जोखिम भरा हो गया है। कई बार शिकायतें देने के बावजूद समाधान नहीं हुआ। प्रशासन को तुरंत निर्माण कार्य पूरा कराना चाहिए।
-ग्रामीण नछत्र सिंह, रोड़ी।
इस सड़क से प्रतिदिन हजारों लोग आवागमन करते हैं लेकिन बदहाल स्थिति के कारण सभी को परेशानी झेलनी पड़ रही है। धूल, गड्ढे और ऊबड़-खाबड़ रास्ता वाहन चालकों के लिए बड़ी समस्या बन चुके हैं। संबंधित विभाग को जनता की परेशानी समझते हुए जल्द प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
-ग्रामीण गुरविंदर सिंह, रोड़ी।
सड़क अधूरी होने का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ रहा है। फसल और कृषि सामग्री को मंडियों तक पहुंचाने में अतिरिक्त समय और खर्च लगता है। खराब मार्ग के कारण वाहनों को भी नुकसान पहुंचता है।
-किसान जसपाल सिंह, रोड़ी।
सीमावर्ती गांवों के लोगों के लिए यह सड़क बेहद महत्वपूर्ण है लेकिन वर्षों से निर्माण कार्य रुका होने से विकास प्रभावित हो रहा है। बरसात के दौरान हालात और अधिक खराब हो जाते हैं। जनता अब केवल आश्वासन नहीं बल्कि जमीन पर निर्माण कार्य शुरू होते देखना चाहती है।
-ग्रामीण गुरप्रीत सिंह, रोड़ी।
कोट्स
मुझे इस मामले में जानकारी नहीं है कि यह सड़क हमारे विभाग के अधीन है या नहीं। चेक करने के बाद ही बता पाऊंगा।
-अमित यादव, सिविल जेई, मार्केट कमेटी कालांवाली।