कृषि कानूनों के विरोध के चलते किसान ट्रैक्टर लेकर दिल्ली की ओर से कूच रहे है। इस कारण से नेशनल हाईवे पर जाम लगना शुरू हो गया है। इसी को देखते हुए अब रोडवेज की ओर से भी बहादुरगढ़ और रोहतक भेजी जाने वाली बसों के फेरे भी कम कर दिए गए हैं। इन रूटों पर चलने वाले बसों को अब हिसार रूट पर चलाया जा रहा है।
रोडवेज विभाग के अनुसार सिरसा डिपो की 15 बसें प्रति दिन रोहतक के लिए रवाना होती थी, लेकिन शनिवार को पांच बसों को ही भेजा गया है जबकि बहादुरगढ़ के लिए सात बसें चलती थीं। अब इन्हें भी कम कर दिया गया है। इससे पहले भी दिल्ली जाने वाली सिरसा डिपो की 28 बसों को दिल्ली की बजाय रोहतक, बहादुरगढ़ और हिसार तक भेजा जा रहा था। अब इन बसों के फेरे भी कम कर दिया गए हैं। वहीं दूसरी तरफ इन रूटों के लिए यात्री भी कम मिल रहे हैं।
65 दिनों से बंद पड़ा है दिल्ली रूट
किसान आंदोलन के चलते पिछले 65 दिनों से दिल्ली रूट पर रोडवेज की बस सेवा बंद पड़ी है। इससे रोडवेज को काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है। यात्री भी अब जाम की स्थिति से बचने के लिए प्राइवेट वाहनों का सहारा लेते हुए नजर आ रहे हैं। हालांकि 7 जनवरी को दिल्ली के लिए रोडवेज बसों की सेवा को दोबारा शुरू किया गया था। मगर जाम के कारण बसों को वापस आने में काफी समय लग गया। इसके बाद फिर से इस रूट के लिए बसों को बंद कर दिया गया।
सिरसा डिपो पहुंच रहीं दूसरे डिपो की बसें
रोडवेज बसों के दिल्ली और अन्य कई रूट बंद होने के कारण अब दूसरे डिपो अधिकारियों की ओर से भी बसों को सिरसा की तरफ भेजा जा रहा है। इस कारण अब हिसार, भिवानी, फतेहाबाद, जींद, पानीपत और अन्य डिपो की बसें भी सिरसा में पहुंच रही हैं।
कोट
यात्रियों की आवश्यकता के अनुसार बसों को अभी बहादुरगढ़, रोहतक और गुरुग्राम के लिए भेजा जा रहा है। जाम की स्थिति को लेकर अभी कोई भी परेशानी नहीं आ रही है। अगर ऐसी कोई समस्या आएगी तो उक्त रूट पर बसों की सेवा कम कर दी जाएगी।
-राकेश कुमार, यातायात प्रबंधक, डिपो सिरसा।