सिरसा। 1987 में बसाई गई शहर की ऑटो मार्केट को विकसित करने के लिए नगर परिषद ने रोडमैप तैयार किया गया है। नगर परिषद प्रशासन की ओर से ऑटो मार्केट में बची हुई 210 दुकानों की ऑनलाइन बोली करवाई जाएगी। इससे आने वाले पैसे से मार्केट में सड़क निर्माण, पार्क निर्माण, स्ट्रीट लाइट व अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।
इन दुकानों को बेचने की दिशा में स्थानीय स्तर पर विभागीय कार्य पूरा किया जा चुका है। अब मुख्यालय स्तर पर मूल्य निर्धारण का कार्य होना बाकी है। अधिकारियों की ओर से फाइल को मुख्यालय भेजकर इस प्रक्रिया को पूर्ण किया जाएगा, ताकि विज्ञापन सूचना जारी कर आगामी प्रक्रिया को अमल में लाया जा सके।
नगर परिषद के अधिकारियों के अनुसार शहरी स्थानीय निकाय विभाग (डीयूएलबी) के पोर्टल पर ऑनलाइन बोली प्रक्रिया होगी। एचएसवीपी की तर्ज पर ही सारी प्रक्रिया चलेगी। इसका मकसद बोली प्रक्रिया में पूर्ण रूप से पारदर्शिता रखना है।
बता दें कि 210 दुकानों के अतिरिक्त पेट्रोल पंप और सर्विस स्टेशन आदि की साइट बेचने के बाद अनुमानित 18 से 20 करोड़ रुपये एकत्रित होगा। इससे ऑटो मार्केट का विकास किया जाएगा। सड़क व पार्क निर्माण, स्ट्रीट लाइट व अन्य सुविधाएं इसी रुपये से उपलब्ध करवाई जाएगी। इसको लेकर दिल्ली की फर्म से डिटेल रिपोर्ट व नक्शा तैयार करवाया जा चुका है।
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प्लॉट के आवंटन को लेकर उजागर हो चुका है घपला, हाईकोर्ट तक पहुंचा था मामला
वर्ष 1987 में कांग्रेस सरकार के दौरान तत्कालीन मंत्री लक्ष्मण दास अरोड़ा की देखरेख में ऑटो मार्केट को नगर परिषद प्रशासन अस्तित्व में लेकर आया था। इस मार्केट की लगभग 52 एकड़ जमीन में वक्फ बोर्ड की कुछ जगह पर कुछ लो काबिज थे। उन्होंने कोर्ट में केस दायर कर दिया था। इस बीच ऑटो मार्केट में प्लॉट के आवंटन को लेकर घपला उजागर हुआ। मामला हाईकोर्ट तक भी जा पहुंचा। इस वजह से मार्केट में विकास कार्य नहीं हो पाए थे। इस सभी मामलों के समाधान होने पर दोबारा से ऑटो मार्केट के विकास का कार्य शुरू होने लगा।
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1251 प्लॉटों में से सिर्फ एक तिहाई दुकानों का हो सका है निर्माण
ऑटो मार्केट में पहले फेज में 982 प्लॉट आवंटन किए गए। इसमें से 703 प्लाॅट ऑटो मिस्त्रियों को देने थे और शेष 279 प्लॉटों की ओपन नीलामी की गई। दूसरे फेज में 269 दुकानों के लिए प्लॉट जोड़े गए। इस तरह से कुल प्लॉटों की संख्या 1251 हो गई। इसके अलावा पेट्रोल पंप, सर्विस सेंटर और रेस्टोरेंट के लिए तीन प्लॉट की नीलामी की योजना भी विभाग ने बनाई है। कुल 1251 प्लॉटों में से सिर्फ एक तिहाई दुकानों का ही निर्माण हो सका है। वहीं प्रशासन की ओर से ऑटो मार्केट में अब तीसरे फेज के तहत 210 दुकानों की नीलामी प्रशासन द्वारा की जानी है।
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दुकानदार खुश, फैसले का किया स्वागत
सरकार और प्रशासन के इस फैसले का स्वागत है। इस प्रोजेक्ट के पास होने से मार्केट में सुधार आएगा और मार्केट में दुकानदारों के लिए नई दुकानें मिलेंगी। मार्केट में दुकानों के साथ अन्य सुविधाओं से भी आसानी होगी। - मोहित कुमार, दुकानदार। फोटो -18
दुकानदारों के लिए बेहद खुशी की बात है। सालों से दुकानों के लिए इंतजार कर रहे हैं। मार्केट में दुकानों की कमी के चलते परेशानी का सामना करना पड़ता है। - बंसी लाल दुकानदार। फोटो -19
ऑटो मार्केट में दुकानों के मिलने से दुकानदारों को आसानी होगी। छोटे दुकानदार दुकान लेने के बाद अपना रोजगार चला सकते हैं। जिससे वह अपना व अपने परिवार का पालन- पोषण कर पाएंगे। - विजय बठला, ऑटो मार्केट कमेटी प्रधान।
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ऑटो मार्केट की दुकानों की बोली करवाने के लिए विभागीय कार्यवाही को पूर्ण किया जा चुका है। मुख्यालय स्तर पर फाइल भेजकर सभी साइटों के रिजर्व प्राइज फाइनल करवाने है। इसी आधार पर आगामी ऑन लाइन बोली प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी। ऑटो मार्केट को आधुनिक तौर पर विकसित किया जाएगा। -सुरेंद्र बैनीवाल, जिला नगर आयुक्त।