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Sirsa News: सांसद सैलजा ने लोकसभा में उठाया थेहड़ का मुद्दा, बोलीं-थेहड़ से विस्थापित 713 परिवारों का किया जाए पुनर्वास

Thu, 03 Apr 2025 10:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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लोकसभा सदन में अपनी बात रखतीं सांसद सैलजा। स्रोत : वी​डियो ग्रेब  
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सिरसा। सांसद कुमारी सैलजा ने वीरवार को लोकसभा में शून्य काल में थेहड़ का मुद्दा उठाया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री पर्यटन और कला संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मांग की कि थेहड़ की खाली करवाई गई 35 एकड़ भूमि को ही पुरातत्व विभाग की मानते हुए वहां पर पार्क या संग्रहालय बनाया जाए। इसके साथ ही विस्थापित किए गए 713 परिवारों का पुनर्वास किया जाए। शेष बची 50 एकड़ भूमि को डिनोटिफाइड किया जाए।















सांसद सैलजा ने कहा कि थेहड़ को पुरातत्व विभाग ने 1932 में सूचीबद्ध किया था। इसकी कितनी भूमि है, उसके सर्वे को लेकर एक टीम का गठन किया गया था। इसमें पुरातत्व विभाग की ओर से अजायब सिंह, राजस्व विभाग की ओर से पटवारी, नायब तहसीलदार, तहसीलदार आदि शामिल थे। टीम ने एक संयुक्त रिपोर्ट उपायुक्त सिरसा को सौंपी, जिसमें निशानदेही, सर्वे सूची, नजरिया नक्शा और सर्वे नक्शा संलग्न किया गया था। इसमें पुरातत्व विभाग की 35 एकड़ भूमि बताई गई।
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वर्ष 2017 में हरियाणा सरकार के कुछ जूनियर प्रशासनिक अधिकारियों की गलती से थेहड़ की 35 एकड़ के बजाय 85.5 एकड़ भूमि दर्शा दी गई। जो 50 एकड़ भूमि दिखाई गई है, वह थेहड़ (टीले) के बीच की है और रानियां रोड पर है। यहां पर करीब पांच हजार परिवार रहते हैं, इस भूमि पर आवास के साथ-साथ व्यवसायिक प्रतिष्ठान है। इस भूमि की 70-80 सालों से रजिस्ट्री होती आ रही है।













35 एकड़ भूमि को वर्ष 2017 में करवा गया कब्जा मुक्त

सैलजा ने कहा है कि थेहड़ की 35 एकड़ भूमि को वर्ष 2017 में कब्जा मुक्त करवा लिया गया था। यहां रहने वाले 713 परिवारों को हुडा सेक्टर 19 के फलेट्स में अस्थायी रूप से इस शर्त पर बसाया गया कि उनके स्थायी आवास की जल्द ही प्रबंध कर दिया जाएगा, लेकिन आज तक ऐसा नहीं हुआ और ये सभी परिवार बुनियादी सुविधाओं से जूझ रहे हैं। वहां पर अभी तक एक भी पैसा नहीं लगाया गया है।
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संबंधित विभाग के मंत्री एक सवाल के जवाब में साफ कर चुके है कि बजट नहीं है, जब बजट होगा तब इस बारे में सोचा जाएगा। सैलजा ने केंद्रीय मंत्री पर्यटन और कला संस्कृति मंत्री से मांग की है कि जो 35 एकड़ भूमि खाली कराई गई थी और जो पुरातत्व विभाग के अधीन है उसे विकसित किया जाए। इस पर पार्क और संग्रहालय बनाया जाए और जिन परिवारों को थेहड़ से विस्थापित किया था उनको वादे के अनुसार जल्द से जल्द पुन: विस्थापित किया जाए।
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