सिरसा। शहर में अधिकारियों की लचर कार्यप्रणाली का परिणाम है कि मुख्यमंत्री के जनसंवाद को दो माह बीत जाने के बाद भी सड़कों पर गड्ढे ही गड्ढे देखने को मिल रहे हैं। एडीसी के समक्ष अधिकारियों ने जल्द से जल्द गड्ढे भरवाने के दावे किए थे। इसकी रिपोर्ट भी मुख्यालय भेजी थी, लेकिन अभी तक शहर के हालात में बदलाव नहीं हुआ है।
आलम यह है कि उप मुख्यमंत्री व बिजली मंत्री के आवास के आस पास की दो बड़ी कॉलोनियों की गलियों और मुख्य सड़कों पर गड्ढे ही है। शहर की अन्य मुख्य सड़कों के हालात भी इससे बदत्तर हैं। सड़क निर्माण को लेकर कोई नया टेंडर पिछले 15 दिनों में नहीं लगा है। पूर्व में लगाए गए टेंडरों को अभी तक फाइनल नहीं किया गया है। इनमें ऑटो मार्केट से लेकर कई अन्य कॉलोनियों की करोड़ों रुपये के सड़कों के प्रोजेक्ट अटके हुए हैं।
पिछले एक माह से नगर परिषद के विकास कार्यों पर पूरी तरह से ब्रेक लग चुका है। विकास कार्यों के प्रोजेक्टों को सिरे चढ़ाने के लिए ईओ और एक्सईएन स्तर के अधिकारी ही कार्यालयों में पूर्व में नदारद मिले हैं।
सफाई को लेकर एजेंसी फाइनल नहीं
शहर की सफाई निजी एजेंसी को दी जानी है। इस कारण शहर के आधे एरिया में सफाई नहीं होती है। अभी तक सफाई को लेकर एजेंसी फाइनल नहीं की गई है। जिसके चलते स्वच्छता के बुरे हालात हैं।
अधिकारियों की कमी बन रही परेशानी
नगर परिषद के एक मात्र एसडीओ के पास सिरसा और ऐलनाबाद का कार्य है। वह तीन दिन ऐलनाबाद का कार्यभार देखते है। जबकि पूर्व में आए नियमित जेई का तबादला डबवाली हो गया था। ऐसे में एक मात्र जेई ही विकास कार्यों के प्रोजेक्टों को देख रहे हैं। इसके कारण विकास कार्यों की रफ्तार धीमी हो गई है।
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विकास कार्यों को लेकर प्रोजेक्ट को जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा। स्ट्रीट लाइट के विकास कार्य जारी है। इन सड़कों पर गड्ढे हैं, उनको जल्द ही भर दिया जाएगा। -
अनिल मोहिल, एमई, नगर परिषद