संवाद न्यूज एजेंसी
चोपटा। नाथूसरी चोपटा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र यानी सीएचसी में इमरजेंसी चिकित्सा सुविधाओं का अभाव और रेफरल सिस्टम मरीजों की जान पर भारी पड़ने लगा है। सड़क दुर्घटनाओं में घायल मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद सिरसा नागरिक अस्पताल या अन्य निजी अस्पतालों में एंबुलेंस संचालक लेकर चले जाते हैं।
इसी रेफर सिस्टम का नजारा रविवार रात को उस समय देखने को मिला जब एंबुलेंस नहीं मिलने पर गंभीर रूप से घायल दंपती को मौके पर मौजूद लोग ई-रिक्शा में लेकर आए। प्राथमिक उपचार में मरीजों के लिए यह देरी जान पर बन गई। दोनों मरीजों की उपचार के दौरान मौत हो गई।
रविवार को चोपटा क्षेत्र में कुछ ही घंटों के अंतराल में दो सड़क हादसे हुए। दो हादसों में मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया गया । रविवार शाम करीब तीन बजे हुए सड़क हादसे में दंपती घायल हो गए।
घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया लेकिन वहां आवश्यक इमरजेंसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण चिकित्सकों ने उन्हें प्राथमिक उपचार देकर सिरसा रेफर कर दिया।
इस घटना के कुछ घंटे बाद रात करीब नौ बजे भट्टू रोड पर एक ट्राले और मोटरसाइकिल की टक्कर में गांव मिंगनी खेड़ा निवासी 48 वर्षीय ताराचंद और उनकी 45 वर्षीय पत्नी मूर्ति देवी गंभीर रूप से घायल हो गए।
ग्रामीणों का आरोप है कि यदि अस्पताल में ट्रॉमा या इमरजेंसी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होती और समय पर उपचार शुरू हो जाता तो कई मामलों में मरीजों की जान बचाई जा सकती थी।