डेरामुखी गुरमीत सिंह को 21 दिन की फरलो मिल गई है। इसी के साथ ही सिरसा के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों पंजाब और यूपी में भी हलचल तेज हो गई है। सिरसा स्थित डेरे में डेरामुखी के स्वागत की तैयारियां जोरों से शुरू हो गई है। डेरामुखी ने 25 जनवरी को आयोजित कार्यक्रम के लिए जो चिट्ठी लिखी थी, उसमें पहले ही स्पष्ट इशारा कर दिया था कि छुट्टी मिल सकती है। सोमवार को सिरसा डेरा से परिवार के सदस्य गुरुग्राम के लिए रवाना हो गए हैं।
डेरे में 25 जनवरी को बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान डेरामुखी ने जेल से श्रद्धालुओं के लिए चिट्ठी भेजी थी। जिसे कार्यक्रम में पढ़कर सुनाया गया था। इस चिट्ठी के अंत में डेरामुखी ने स्पष्ट तौर पर लिखा था कि परमपिता परमात्मा ने चाहा तो जल्द ही आपके दर्शन करेंगे। इस संदेश से इशारा किया था कि फरलो मिल सकती है। अब डेरे में 28 फरवरी को संत शाह सतनाम महाराज का गुरु गद्दी दिवस पर कार्यक्रम हो सकता है। ये हर वर्ष होता है, लेकिन इस बार उम्मीद है कि इसमें डेरामुखी श्रद्धालुओं से रू-ब-रू हो सकते हैं।
पंजाब और यूपी में डेरे का खासा प्रभाव है। बताया जा रहा है कि पंजाब के 23 जिलों में 300 बड़े डेरे हैं। इनका सीधा प्रभाव राजनीति में है। सूत्र बताते हैं कि डेरे का पंजाब के मालवा क्षेत्र की करीब 69 सीटों पर अच्छा प्रभाव है। इससे पहले डेरे की वर्ष 2007, 2012, 2017 के पंजाब चुनावों में सीधी भागीदारी रही थी।