सिरसा। लोकसभा चुनाव की चलते शहर के कई महत्वाकांक्षी परियोजनाएं अटक गई हैं। इन्हीं में शहर के बारिश के पानी निकास की परियोजना भी शामिल है। जिस पर लोकसभा चुनाव की मार पड़ी है। पहले यह परियोजना अप्रैल माह में शुरू होने की उम्मीद थी। अब इस परियोजना की टेंडर प्रक्रिया ही मानसून में शुरू होगी। ऐसे में इस मानसून में शहर में जलभराव होना तय है। ऐसे में चाह कर भी कोई विभाग जलभराव को नहीं रोक पाएगा। मौसम विभाग के अधिकारियों के अनुसार जून के दूसरे सप्ताह में प्री मानसून का असर देखने को मिलता है।
बता दें कि लोकसभा चुनाव से पहली ही नगर परिषद ने 35.92 करोड़ का प्रोजेक्ट बनाकर एडमिशन अप्रूवल ले ली थी। लेकिन जब तक विभाग आगामी टेंडर प्रक्रिया शुरू कर पाता लोकसभा चुनाव की घोषणा हो गई और आचार संहिता लग गई। ऐसे में चुनाव की परिणाम के बाद ही अधिकारियों की ओर से इस प्रोजेक्ट को गति दी जाएगी, लेकिन इस मानसून में शहरवासियों को जलभराव का सामना करना पड़ेगा।
अधिकारियों के अनुसार नगर परिषद की ओर से अक्तूबर 2022 में पुराने शहर का सर्वे करवाया गया था। इस सर्वे के अनुसार बारिश के पानी की निकासी के लिए विस्तृत सर्वे रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की गई थी। इस रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने मुख्यालय से काम पूरा करवाने के लिए बजट मांगा था। बजट मिलने के साथ एडमिन अप्रूवल भी मुख्यालय से मिल गई थी।
सर्वे कर बनाई गई थी डीपीआर
नगर परिषद के अधिकारियों के मुताबिक मुख्यालय से इंजीनियर्स की टीम आई थी। टीम ने शहर के भीतरी क्षेत्र का निरीक्षण कर डीपीआर तैयार की थी। इस सर्वे मेंं उन सभी जगहों को टीम ने देखा था, जहां पर बारिश के समय जलभराव होता है। वह चाहे कॉलोनियों की गलियां हो या शहर की मुख्य सड़कें हो। शहर में जनता भवन, पुराने पुल के पास, अनाजमंडी, शिव चौक, रोड़ी बाजार, हिसारिया बाजार, वाल्मीकि चौक से नागरिक अस्पताल रोड, बेगू रोड, कीर्तिनगर, अग्रसेन कॉलोनी, राम कॉलोनी, हाउसिंग बोर्ड, रानियां रोड, एफ ब्लॉक आदि क्षेत्र में जलभराव होता है।
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कई वर्षों से है जलभराव की समस्या
शहर के लोगों की सालों पुरानी मांग है कि नालों के माध्यम से बारिश के पानी की निकासी की जाए। ताकि चौक चौराहे और मुख्य बाजारों में जलभराव न हो। शहर के अंदरूनी इलाकों में पानी भरने से लोगों को सालों से परेशानी उठानी पड़ रही थी।
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बारिश के पानी की निकासी के लिए मुख्यालय से 35.92 करोड़ रुपये की परियोजना को एडमिन अप्रूवल मिल चुकी है। लोकसभा चुनाव के बाद इस प्रोजेक्ट को गति मिलेगी। मानसून में प्रोजेक्ट को शुरू नहीं किया जा सकता है।
- प्रवीण शर्मा, जेई , नगर परिषद, सिरसा।