चोपटा। राजस्थान की सीमा से सटे सिरसा जिले के चोपटा व ऐलनाबाद क्षेत्र के 50 के आसपास गांवों में सोमवार को हुई बारिश से किसानों के चेहरों पर मुस्कान ला दी। शहरी क्षेत्र में जहां बारिश कम हुई, वहीं ग्रामीण एरिया में बारिश ज्यादा थी। राजस्थान से सटे इन गांवों में अब खाली पड़ी वीरान जमीन पर ग्वार और बाजरे की बिजाई की जा सकेगी। क्योंकि नहरी पानी की उपलब्धता कम होने के कारण मानसून पर ही यह क्षेत्र ज्यादा निर्भर है।
सरकारी आंकड़ों के अनसार 22 हजार हेक्टेयर में नरमा व कपास की फसल की बिजाई की जा चुकी है। बारिश होने से फसलों को फायदा होगा, जो फसल तेज गर्मी से खराब होने की स्थिति में चली गई थी। चोपटा क्षेत्र में कुम्हारिया, खेड़ी, कागदाना, रामपुरा बगड़िया, जसानिया, राजपुर साहनी, गुसाई यांना, जमाल, जोड़कियाँ सहित कई गांवों में सोमवार को बारिश हुई।
किसान महेंद्र सिंह, सुभाष, जगदीश, विकास कुमार का कहना है कि बरानी जमीन में ग्वार व बाजरे की बिजाई का नहीं हो पा रही थी, जिससे खेत खाली पड़े थें। उन्होंने जमीन को बिजाई के लिए तैयार कर रखा था। लेकिन पानी की कमी के चलते बिजाई कर पाना मुश्किल हो रहा था। अब बारिश हो गई है तो ग्वार और बाजरे की बिजाई की जा सकेगी । पशुओं के लिए हरे चारे की भी कमी नहीं रहेगी। उन्होंने बताया कि भगवान ने उनकी सुन ली है। अब बारिश हो गई है और अब खेतों में हरियाली छा जाएगी।
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सिरसा में 10 से 15 एमएम तक हुई बारिश
जिले में सोमवार को सुबह 11 बजे के बाद ही मौसम बदल गया था। मौसम बदलने के साथ ही दोपहर 12 बजे तक कई एरिया में बारिश हुई। शहरी क्षेत्र में ग्रामीण एरिया के मुकाबले बारिश कम रही। लेकिन मौसम सुहाना हो गया। आंकड़ों के अनुसार 10 से 15 एमएम के बीच बारिश हुई है।
ग्वार, बाजरे, मूंगफली, मूंग की फसल की बिजाई का समय है। बारिश हुई है तो बिजाई करने में कोई दिक्कत नहीं होगी। क्षेत्र में इस बार नरमे और कपास की बिजाई करीब 22 हजार हेक्टेयर में हुई है। इस बारिश से फसल को फायदा होगा।
-शैलेंद्र सहारण, कृषि विकास अधिकारी