सिरसा। जिले में दोपहर बाद अचानक मौसम में बदलाव आ गया और तेज हवा चलने लगी। तेज हवा चलने के साथ चोपटा, रानियां, कालांवाली, रोडी, ओढ़ा क्षेत्र में बारिश हुई। 10 एमएम के आसपास बारिश हुई तो सड़कों पर पानी भर गया। वहीं, कालांवाली में पेड़ टूटकर गिरने के कारण यातायात प्रभावित हुआ। रेलवे की लाइनों पर पेड़ गिरने से ट्रेनों का आवागमन एक घंटे तक बाधित हुआ। रेलवे प्रबंधन ने ग्रामीणों के सहयोग से पेड़ हटाए। वहीं, किसानों के लिए राहत भरी खबर नहीं रही। गेहूं और सरसों की अगेती बिजाई करने वाले किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। वहीं, धान की 40 प्रतिशत कटाई नहीं हुई है। धान की कटाई जहां प्रभावित होगी, धान को नुकसान भी होगा।
बता दें कि ओढ़ा क्षेत्र में 10 दिनों के अंदर बड़े स्तर पर बिजाई हुई है। इसको नुकसान होना लाजमी है। ओढ़ां क्षेत्र में 50 प्रतिशत सरसों और 20 प्रतिशत गेहूं की बिजाई हो चुकी है। मौसम विभाग ने 4 नवंबर को ही बारिश की संभावना जताई थी। बारिश होने के कारण अब अगेती बिजाई को नुकसान किसानों को उठाना पड़ेगा। यह नुकसान सब्जियों में भी देखने को मिलेगा। बारिश के कारण मंडियों में रखा धान भी भीग गया।
पेड़ व बिजली के पोल गिरने से वाहन चालक हुए परेशान
कालांवाली। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश के कारण अतिरिक्त मंडी में खुले में पड़ा हजारों क्विंटल धान भीग गया। वहीं तेज हवाओं के चलते अनेक मार्गों पर वृक्ष व बिजली के पोल आदि गिरने के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पडा। इसके अलावा बरसात से शहर के प्रमुख मार्गों पर जलभराव होने से लोगों को दिक्कत आईं। वहीं, बरसात होने से शहर की अनाज मंडी, देसू रोड, पंजाब बस स्टैंड, आरा रोड, थाना रोड, डॉक्टर मार्केट, मोबाइल मार्केट आदि में जलभराव होने से आमजन को परेशानी का सामना करना पडा। इसके अलावा तेज हवाओं के चलते ओढां रोड, गदराना, ख्योवाली आदि मार्ग पर वृक्ष व बिजली के पोल गिरने के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
रोड़ी में डेढ़ घंटे की तेज बारिश से जलभराव, मंडी में पड़ा धान भी भीगा
रोड़ी। रोड़ी क्षेत्र में हुई करीब डेढ़ घंटे की तेज बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। अचानक मौसम बदलने के बाद शाम करीब 4 बजे शुरू हुई बारिश और तेज हवाओं ने पूरे इलाके को भिगो दिया। लगातार हुई बारिश से कालांवाली रोड, जटानां कलां रोड व गांव की गलियों में पानी भर गया। कालांवाली रोड पर बना निकासी नाला बंद होने के कारण सड़क पर जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, रोड़ी अनाज मंडी में किसानों और आढ़तियों द्वारा रखा गया धान भी बारिश की चपेट में आ गया। तिरपाल डालकर धान को बचाने की कोशिशें की गईं, लेकिन कामयाब नहीं हुए। पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के बाहर भी पानी भर जाने से स्कूल आने-जाने वाले छात्रों और अभिभावकों को दिक्कतें झेलनी पड़ीं।
धान की कटाई करना होगा मुश्किल
रानियां। रानियां में धान की फसल की कटाई चल रही है। मंगलवार शाम को मौसम बदलने से किसानों के चेहरों पर परेशानी देखने को मिली। गांवों में तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी हुई। क्षेत्र मेें नरमा, कपास, बाजरी व धान निकालने का कार्य जारी है तो दूसरी ओर सरसों व गेहूं की बिजाई का कार्य जोरों पर है। किसान राजेश, सिकंदर सिंह, रामजी लाल, मोहित कालड़ा व रोहित कालड़ा ने बताया कि धान की फसल पककर तैयार हैं और निकालने का कार्य चल रहा है। बारिश से धान की फसल को नुकसान होगा। हल्की बारिश से सरसों व गेहूं की बिजाई प्रभावित होगी ओर हाल ही में बिजाई की गई फसलों के अंकुरण में बड़ी समस्या पैदा हो सकती है।
दो दिन पहले ही 8 एकड़ में गेहूं की बिजाई की थी। बरसात के कारण खराब हो गई है, अब दोबारा बिजाई करनी पडेगी। बीज, खाद व बुआई बिजाई के रूप में करीब पांच हजार रुपये प्रति एकड़ का नुकसान हुआ है। किसान पहले ही घाटे में चल रहा है और अब बेमौसम बारिश का नुकसान भी किसान को उठाना पड़ेगा। एक माह हो गया है धान और बाजरा बेचे हुए, सरकार ने पैसा खाते में नहीं डाला है। दोबारा बिजाई समस्या बन गई है।-सुखदेव सिंह कुंडर, किसान
आज 6 एकड़ में गेहूं की बिजाई की थी, उसमें बरसात का पानी ठहरने से बिजाई खराब हो गई। अब दोबारा बिजाई करनी पड़ेगी। उतना ही खर्च दोबारा लगेगा, 30 हजार रुपये के आसपास का नुकसान हो गया है। खेत में चार एकड़ नरमे की चुगाई बाकी थी, उसमें भी नुकसान हुआ है। -गुरचेत सिंह किसान