चुनाव विभाग की ओर से रविवार को बूथ स्तर पर लगाई जाने वाली मतदाता चौपाल में कई बूथों पर कर्मचारी पहुंचे ही नहीं। मतदाता बूथों पर चक्कर काटते रहे।
कर्मचारियों की गैर हाजिरी के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। बूथों पर बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) की ड्यूटी तो लगाई गई थी, पर वे घरों में ही आराम फरमाते रहे। इतना ही नहीं कहीं पर तो छात्र को बैठा कर ही बीएलओ का काम सौंप दिया गया।
चुनाव आयोग ने मतदाताओं के नामों में त्रुटियां, पता बदलने, सूची में नाम न होने पर फार्म भरवाने, नए वोट के लिए आवेदन कराने आदि कामों के लिए नौ मार्च को सभी बूथों पर मतदाता चौपाल आयोजित करने का फैसला लिया था। चौपाल में बीएलओ की ड्यूटी लगाई गई थी।
चौपाल का समय सुबह नौ बजे से शाम के पांच बजे तक निर्धारित किया गया था। बीएलओ को निर्देश दिए गए थे कि व अपने-अपने बूथों पर वोटर लिस्ट चस्पा कर दें ताकि लोगोें को अपने वोट से संबंधित जानकारी मिल सके। शहर में कई बूथों पर दोपहर तक भी कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा था। इस कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इन बूथों पर नहीं पहुंचे बीएलओ
-साढ़े 11 बजे तक पुलिस लाइन स्थित बूथ पर कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा था।
-हुडा सेक्टर स्थित बूथ नंबर 23 व 24 में भी 12 बजे तक बीएलओ नहीं पहुंचा था। शिकायत के बाद अधिकरियों ने आनन-फानन में चुनाव विभाग के सेवादार के बेटे को बूथ पर भेज दिया। नाम ठीक करवाने व वोटर लिस्ट में नाम दर्ज करवाने के लिए बूथों पर पहुंचे लखविंद्र सिंह, सुरेंद्र कौर, शकुंतला रानी, परमजीत सिंह आदि ने बताया कि वे सुबह नौ बजे से बूथ पर पहुंच गए थे।
डीसी ने किया मतदान केंद्रों का दौरा
जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. अंशज सिंह ने रविवार को अतिसंवेदनशील और संवेदनशील मतदान केंद्रों पर नए वोट बनाने के कार्य का निरीक्षण किया।
वे चतरगढ़पट्टी के मतदान केेंद्र, 9,10, 11, 12 , 13 पर पहुंचे। उपमंडलाधिकारी मनजीत सिंह, जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी सतीश कुमार मेहरा भी उनके साथ थे। उन्होंने अधिकरियों को चुनाव आयोग के निर्देशानुसार सभी सुविधाएं सभी मतदान केंद्रों में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।