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पबजी पर प्रतिबंध से मां-बाप खुश, बोले- खतरनाक था गेम

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भारत सरकार की ओर से पबजी का खेल खत्म करने के निर्णय का देशवासियों ने दिल से स्वागत किया है। लोगों ने सरकार की ओर से तीन डिजिटल स्ट्राइक करके देश की अखंडता, रक्षा, राज्य की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा पैदा करने वाली लगभग 224 एप को बंद करने की भी खूब सराहना की है।
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पबजी पर बैन से मां-पिता बहुत खुश है। वे बोले, यह गेम बच्चों में हिंसा की प्रवृत्ति को बढ़ा रहा था। इसकी बच्चों को लत लग गई थी। अब घर में मार...मार..जल्दी मार..फायर कर की आवाजें नहीं सुनाई देगी। बार-बार टोकने के बाद भी बच्चे इसे खेलना पसंद करते थे और अपने मां-बाप पर गुस्सा करते थे। जिसको लेकर परिवार में तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी। लेकिन सरकार के इस कदम से अब ऐसा नहीं होगा।
पूरा दिन बच्चे पबजी में लगे रहते थे। लॉक डाउन के दौरान तो बच्चों ने इस खेल को खेलने में हद ही पार की दी। पबजी की लत में युवा अपने रिश्तों को भी भूल गए थे और हिंसक प्रवृति के कारण कई घटनाओं को अंजाम दे दिया था। पबजी पर प्रतिबंध जरूरी था।
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- संदीप वर्मा, पार्षद, कालांवाली।
चीन को आर्थिक मोर्चे पर झटका देने का सरकार का फैसला सराहनीय है। चीनी एप में पबजी बच्चों के लिए सबसे घातक था। युवाओं में हिंसक प्रवृति की भावना पैदा होने लगी थी। इस पर प्रतिबंध लगने से बहुत खुशी हुई।
- एडवोकेट राकेश बांसल, कालांवाली।
युवा देश का उज्ज्वल भविष्य है। पबजी के कारण युवा दिन-रात फोन में लगे रहते थे। जिसके कारण उनका मानसिक व शारीरिक विकास नहीं हो पा रहा था। सरकार केे इस फैसले के बाद युवा अपना समय सही दिशा में लगा पाएंगे।
- विरेंद्र रम्मी, कालांवाली।
पबजी ने देश के अनेक परिवारों में तनाव पैदा कर दिया था। मां-बाप जब पूरे दिन इस खेल को छोडने की बात कहते तो वे उन पर गुस्सा करते थे। पबजी पर बैन होने से ऐसे परिवारों को सुकुन मिला है।
- मनदीप सिंह, गांव कालांवाली।
पिछले काफी समय से देश में बच्चों के लिए खतरा बन रही पबजी एप को बंद करने की मांग चल रही थी। आखिर अब पबजी से मुक्ति मिल ही गई है। पबजी की लत के कारण बच्चे तनावग्रस्त हो गए थे और वे शिक्षा से दूर होने लगे थे।
- गुरदर्शन सिंह खतरावां, प्रधान, पेस्टीसाइड डीलर एसोसिएशन कालांवाली।
वर्तमान में युवाओं व बच्चों का ध्यान शिक्षा की ओर न होकर ऑनलाइन खेलों की तरफ अधिक बढ़ रहा है। सरकार को चाहिए कि वह सभी प्रकार की गेम्स एप पर प्रतिबंध लगाए, ताकि देश के युवाओं का रुझान शिक्षा के साथ-साथ रोजगार की तरफ बढ़े।
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- हर्ष बांसल जोली, पार्षद, कालांवाली।
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