जिले में वीरवार रात को बारिश शुरू हो गई। जो कि शुक्रवार को भी होती रही। बारिश से शहर के कई कालोनियों में पानी जमा हो गया। शहर के सिविल अस्पताल रोड, सी ब्लॉक में जलभराव हो गया। इसके अतिरिक्त बाजारों में जलभराव हो गया। सिरसा शहर में 27 एमएम बारिश हुई तो रानियां में सबसे ज्यादा 105 एमएम तक बारिश आई।
पंजुआना में 30 एमएम, ओटू में 35 एमएम, कालांवाली में दस एमएम, अबूबशहर में आठ एमएम बारिश हुई। बारिश के दौरान बिजली गिरने से गांव के घरों की कच्ची छतें ढह गई, जिस कारण कुछ लोगों के चोटें भी आई। वीरवार शाम को मौसम में बदलाव के साथ हलकी बारिश शुरू हो गई। रात को बिजली भी कड़कने लगी। इस दौरान गांव मंगाला निवासी गुरशरण के घर तीनों कमरों की छत्तें एक साथ गिर गयी। पूरा परिवार बारिश के कारण कमरे में सो रहा था, जिसमें दो बच्चे, उनकी माता व गुरशरण व उसके दो बेटे थे। उसी समय बारिश हो रही थी कि अचानक से बिजली उनके घर पर गिरी और तीनों कमरों की छत ढह गई, जिसमें वह सभी सो रहे थे।
इस घटना में पूरा परिवार एक बाल बाल बच गया। जैसे ही घटना घटी तो गुरशरण जल्दी से उठा और उसने बच्चों व परिवार के अन्य लोगों को बाहर निकाला व इतने में आवाज सुनकर आस पास के लोग भी आ गए। घर में बने तीन कमरों की छतें गिर गयी और कमरों में पड़ा सामान बेड, चारपाई , खाने पिने का सामन, अलमारी, संदूख, पंखे और सामन तहस-नहस हो गया। परिवार के सदस्यों ने गुहार लगाई कि सरकार व प्रशासन आर्थिक सहायता उन्हें दें जिससे वह अपना घर बना सकें।
रानियां में हुई 105 एमएम बारिश
वीरवार रात व शुक्रवार की बारिश होने से जहां शहर में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई। वहीं ग्रामीण इलाके में धान व नरमा की फसलों में पानी भर जाने से भारी नुकसान के आसार बन गए हैं। रानियां शहर में 105 एमएम बारिश हुई। रानियां शहर के निचले इलाके की सड़कें पानी से भर गई। देर रात को हुई भारी बारिश की वजह से बिजली सेवाएं ठप हो गई, जिसके कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर के मुकाबले ग्रामीण इलाके में बरसात अधिक दर्ज की गई है, जिसकी वजह से फसलों में डेढ़ से 2 फुट तक पानी भरा हुआ है। किसान अपनी फसलों को पानी से बचाने के लिए पंप इत्यादि लगाकर खेतों से बरसाती पानी निकालने में लगे हुए हैं। ताकि फसलें नष्ट होने से बचाई जा सकें।
रानियां तहसील के अंतर्गत आने वाले गांव खारियां, भूना, मेहनाखेड़ा, चक्कां, घोड़ावाली रिसालिया खेड़ा इलाके में नरमा की फसलें काफी खराब हो चुकी है। बरसात से हुए नुकसान का आंकलन करने के लिए तहसीलदार जितेंद्र कुमार ने बताया कि इलाके के सभी पटवारियों को निर्देश दिए हैं कि क्षेत्र के गांवों के किसानों के खेतों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। जिसका मौके पर जाकर मुआयना किया जाएगा और सरकार के निर्देशानुसार स्पेशल गिरदावरी करवाई जाएगी।