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कर्मचारियों का सरकार पर आरोप : कोविड-19 की आढ़ में सरका ने कर्मचारी विरोधी निर्णय लिए

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मांगों को लेकर सिरसा में निकाला गया जुलूस। - फोटो : Sirsa
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सिरसा। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर सरकार की विरोधी नीतियों के विरोध में रविवार को सत्याग्रह आंदोलन की 78वीं वर्षगांठ के मौके पर जिलेभर के कर्मचारियों ने टाउन पार्क से लेकर बस स्टैंड तक पैदल मार्च निकाला। ऐलनाबाद, डबवाली व कालांवाली ब्लॉक के कर्मचारियों ने ब्लॉक स्तर पर रोष प्रदर्शन किया, वहीं चार ब्लॉकों के कर्मचारी सर्व प्रथम टाउन पार्क के निकट एकत्रित हुए। यहां से जुलूस की शक्ल में पैदल मार्च करते हुए बस स्टैंड पहुंचे।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान मदनलाल खोथ व सीटू से कृपा शंकर त्रिपाठी ने की, जबकि मंच संचालन सर्व कर्मचारी संघ के जिला सचिव राजेश भाकर ने किया। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि कोविड-19 की आड़ में सरकार द्वारा अनेक कर्मचारी विरोध निर्णय लिए हैं। हजारों कर्मचारियों को नौकरी से निकालकर घर भेज दिया गया। कर्मचारियों के वेतन में देरी की गई और भत्ते भी रोक लिए गए, जोकि सहनीय नहीं है। जबकि कर्मचारियों ने करोड़ों रुपये की राशि कोविड-19 फंड में भी जमा करवाकर सरकार का सहयोग किया। वहीं भविष्य में भी जरूरत पड़ने पर सहयोग को आश्वस्त किया था, लेकिन सरकार ने इसके बावजूद भी कर्मचारी विरोधी निर्णय लेकर कर्मचारियों के रोष को और बढ़ा दिया है। कर्मचारी पदाधिकारियों ने बताया कि कोविड-19 के दौरान सरकार द्वारा नौकरी से हटाए गए 1983 पीटीआई को बहाल करने, ठेका प्रथा समाप्त कर सभी आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को विभाग के पे रोल पर लेने, पुरानी पेंशन बहाल करने, आशा वर्कर्स यूनियन की लम्बित मांगों को लागू करने, आंगनबाड़ी, मिड-डे-मील परियोजना वर्कर्स की मांगों सहित कोविड में हटाए गए कर्मचारियों को नौकरी पर वापस रखने, पुरानी पेंशन बहाली व विभागों के निजीकरण पर रोक लगाने की मांगों को लेकर ही पैदल मार्च किया गया है, ताकि सोई हुई सरकार को जगाया जा सके।
नहीं हुआ सामाजिक दूरी का पालन
जिले में कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है, लेकिन धरने पर बैठे कर्मचारी बिना किसी सामाजिक दूरी के अपना प्रदर्शन रखा। सुरक्षा को लेकर सिक्योरिटी इंचार्ज सत्यवान, एसएचओ सिविल लाइन थाना एसएचओ अमित बैनीवाल मौजूद रहे। वहीं कर्मचारियों के प्रदर्शन को देखते हुए बस अड्डे पर पुलिस विभाग ने सुरक्षा को लेकर पुलिस बल तैनात किया हुआ था। वहीं जब कर्मचारी पैदल मार्च करते हुए बस अड्डे की ओर जा रहे थे तो उस समय ट्रैफिक इंचार्ज एसएचओ बहादुर सिंह ने ट्रैफिक व्यवस्था संभाली।
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पीटीआई के साथ होगा जेल भरों आंदोलन
पीटीआई की नियुक्ति को लेकर 14 अगस्त को जेल भरो आंदोलन किया जाएगा। वहीं 23 अगस्त को सरकार द्वारा पीटीआई के दोबारा से टेस्ट के निर्णय को भी कर्मचारियों ने मानने से इनकार कर दिया है तो राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदार सरकार होगी। इस मौके पर महेंद्र शर्मा, कलावती माखोसरानी, मदनलाल कंबोज, रिटायर्ड कर्मचारी संघ से महासचिव राजेंद्र अहलावत, सुरजीत अरोड़ा, ग्रामीण सफाई यूनियन से सोनू कुमार, स्वास्थ्य विभाग से भीम, वन मजदूर से कुलदीप, जनवादी महिला समिति से एडवोकेट बलबीर कौर गांधी, फायर यूनियन से सुखदेव सिंह, विजय पाल जाखड़, अविनाश कंबोज, रोडवेज तालमेल कमेटी से रामकुमार, सुरजीत अरोड़ा, आशा से कालांवाली ब्लॉक से प्रधान नजीरा, सिरसा से पायल, सीमा, पीटीआई से रोहित लांबा, सीटू से कुलवंत राय सहित भारी संख्या में ग्रामीण सफाई कर्मचारी व अन्य कर्मचारियों ने भाग लिया।
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