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दूध हड़ताल का मिला-जुला असर, गांवों में डेयरियां बंद तो शहर में आपूर्ति जारी
गाय के दूध पर 16 और भैंस के दूध पर 13 रुपये प्रति फैट की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। दूध की दर बढ़ाने के लिए पशुपालकों की ओर से की गई तीन दिवसीय दूध हड़ताल का वीरवार को पहले दिन जिले में मिला-जुला असर रहा। शेरपुरा, ताजिया, साहूवाला सैंकड़, चाड़ीवाल समेत कई गांवों की दुग्ध समितियों की डेयरियों पर पशुपालकों ने दूध नहीं डाला। इससे वहां डेयरियां बंद रहीं।
इसके विपरीत शहर में घरों तक दूध पहुंचाने वाले विक्रेताओं और डेयरियों पर आपूर्ति सामान्य रही। शहर के वीटा बूथों पर भी सुबह और शाम दूध पहुंचा। हालांकि, शाम की आपूर्ति कुछ देर से पहुंचने के कारण बूथ संचालकों में कुछ समय के लिए संशय बना रहा।
हड़ताल के आह्वान के तहत पशुपालकों ने बेगू रोड स्थित वीटा मिल्क प्लांट के मुख्य द्वार पर सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक सात घंटे धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान प्लांट के अंदर आने-जाने वाली दूध की गाड़ियों को रोक दिया।
किसी दूध विक्रेता को रोकने, वाहन से दूध जब्त करने या दूध बेचने वाले किसान पर जुर्माना लगाने का मामला सामने नहीं आया। पशुपालकों ने प्रदेशभर में दूध खरीद की दर में समानता की मांग करते हुए गाय के दूध पर 16 रुपये प्रति फैट और भैंस के दूध पर 13 रुपये प्रति फैट प्रति लीटर दर तय करने की मांग रखी।
इसके साथ ही, अंबाला सहित अन्य जिलों में लागू 3.50 रुपये के अंतर को सिरसा जिले में भी तत्काल प्रभाव से लागू करने की मांग की। किसान नेता जसवीर सिंह भाटी, गुरी शेखों, हर्ष मतुवाला व प्रकाश ममेरा ने कहा कि अलग-अलग वीटा प्लांटों में खरीद दर में अंतर के कारण जिले के पशुपालकों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। ्र
3.50 रुपये प्रति लीटर के अंतर का मुद्दा उठाया
पशुपालकों ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर दूध खरीद दर में समानता और बोनस राशि जल्द लागू करने की मांग की। किसान नेताओं ने बताया कि अंबाला और सिरसा वीटा मिल्क प्लांट के खरीद दर में करीब 3.50 रुपये प्रति लीटर का अंतर है। दोनों क्षेत्रों में दूध की बिक्री दर लगभग समान है। उन्होंने पूरे प्रदेश में दूध खरीद की समान व्यवस्था लागू करने की मांग की। पशुपालकों ने बढ़ती उत्पादन लागत का हवाला देते हुए कहा कि चारा, खल और बिनौले के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने सरकार से दूध का उचित खरीद मूल्य तय करने और घोषित बोनस राशि जल्द जारी करने की मांग की।
हर दिन पहुंचता है 70 से 75 हजार लीटर दूध
सिरसा वीटा प्लांट में सामान्य दिनों में करीब 70 से 75 हजार लीटर दूध रोजाना पहुंचता है। इसमें से करीब 30 से 35 हजार लीटर लिक्विड दूध सिरसा, डबवाली, फतेहाबाद, रतिया सहित आसपास के क्षेत्रों में भेजा जाता है। हालांकि, वीरवार को वीटा में दूध पहुंचने की मात्रा में थोड़ी कमी दर्ज की गई।
वीटा बूथों पर भी सुबह व शाम पहुंचा दूध
शहर के वीटा बूथों पर सुबह और शाम दूध की आपूर्ति हुई। शाम को आपूर्ति थोड़ी देर से पहुंचने के कारण बूथ संचालकों में कुछ समय के लिए संशय बना रहा। करीब साढ़े छह बजे दूध की गाड़ी पहुंचने के बाद स्थिति सामान्य हुई।
किसानों की कॉल के चलते सुबह डेयरियों पर लगी कतार
जमींदारा डेयरी के संचालक महावीर ने बताया कि हड़ताल की कॉल के कारण ग्राहक सामान्य दिनों की जगह वीरवार को सुबह जल्दी डेयरी पहुंच गए। दूध आने में कुछ समय लगने की जानकारी मिलने पर ग्राहक परेशान हुए लेकिन उन्हें बताया गया कि गांव से दूध की गाड़ी निकल चुकी है। गाड़ी पहुंचते ही डेयरी पर ग्राहकों की भीड़ लग गई। महावीर ने बताया कि ग्राहकों को पर्याप्त दूध उपलब्ध होने की जानकारी दी गई। उनकी डेयरी पर पूरे दिन दूध की कोई कमी नहीं रही और नियमित आपूर्ति होती रही।
सुबह आपूर्ति सामान्य, उपलब्धता के अनुसार होगी खरीद
वीटा मिल्क प्लांट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश मेहता ने बताया कि सुबह दूध की आपूर्ति पर कोई असर नहीं पड़ा। उन्होंने कहा कि अगले दिन की आपूर्ति के लिए दूध के वाहन दोपहर एक बजे से रात आठ बजे तक प्लांट पहुंचते हैं। प्लांट प्रबंधन पशुपालकों से लगातार बातचीत कर रहा है। स्थिति से प्रशासन को भी अवगत कराया गया है। वीटा मिल्क प्लांट जोन नंबर-1 के निदेशक प्रतिनिधि विनोद कुमार ने कहा कि दूध खरीदने के लिए वाहन समितियों और डेयरियों तक भेजे जाते रहेंगे। जहां दूध उपलब्ध होगा वहां से खरीद की जाएगी। जहां दूध नहीं मिलेगा वहां से वाहन खाली लौट आएगा।