धान कटाई के समय और मंडियों में वाहनों की सुचारु आवाजाही को लेकर जिलाधीश ने जारी किए आदेश
धान खरीद प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए प्रशासन ने किए विशेष प्रबंध
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। खरीफ सीजन 2026-27 के लिए धान खरीद प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए जिलाधीश शांतनु शर्मा ने आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों में धान की कटाई और मंडियों में वाहनों की आवाजाही को लेकर विशेष प्रबंध किए गए हैं। इसका उद्देश्य किसानों, आढ़तियों और आमजन को असुविधा से बचाना है।
जिलाधीश शांतनु शर्मा के अनुसार, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत ये निर्देश दिए गए हैं। धान की कटाई करने वाले कंबाइन हार्वेस्टर का संचालन शाम 6 बजे से सुबह 9 बजे तक प्रतिबंधित रहेगा। कंबाइन से कटाई सामान्यतः सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे के बीच ही की जाएगी।
देर शाम, रात और सुबह ओस तथा अधिक नमी के कारण धान में नमी बढ़ सकती है। इससे धान की खरीद, सुखाने और भंडारण में कठिनाई आती है। खरीद केंद्रों पर धान में 17 फीसदी की निर्धारित नमी सीमा का पालन अनिवार्य है।
किसानों को सलाह दी गई है कि वे उपयुक्त मौसम में पके धान की कटाई करें। उन्हें धान को उचित रूप से सुखाकर ही खरीद केंद्र पर लाने को कहा गया है।
मंडियों में वाहनों की आवाजाही
धान से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों का मंडियों में प्रवेश निर्धारित होगा। यह प्रवेश कार्यक्रम, टोकन या गेट पास के अनुसार होगा। एचएसएएमबी, ई-खरीद और मेरी फसल-मेरा ब्योरा प्रणाली के निर्देशों का पालन करना होगा। किसानों और वाहन चालकों को वैध टोकन या गेट पास के अनुसार ही मंडी में प्रवेश मिलेगा। सार्वजनिक सड़कों, राजमार्गों या मंडी के मार्गों पर ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी करने की अनुमति नहीं होगी। इससे यातायात बाधित होने से रोका जा सकेगा।
यातायात व्यवस्था के प्रबंध
जिलाधीश ने पुलिस अधीक्षक सिरसा व डबवाली को निर्देश दिए हैं। संबंधित उपमंडलाधीशों को भी मार्केट कमेटियों से समन्वय बनाने को कहा गया है। इसका उद्देश्य मंडियों के आसपास यातायात व्यवस्था बनाए रखना है। साथ ही, जाम की स्थिति को भी रोकना है। आवश्यकतानुसार बैरिकेडिंग, यातायात डायवर्जन और वाहनों के लिए स्टेजिंग क्षेत्र बनाए जाएंगे। ये सभी यातायात प्रबंधन व्यवस्था के तहत किए जाएंगे।
संयुक्त टीमों का निरीक्षण
आदेशों की प्रभावी पालना सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त टीमें गठित होंगी। कृषि विभाग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, मार्केट कमेटी, पुलिस विभाग और अन्य अधिकृत अधिकारी इसमें शामिल होंगे। ये टीमें कंबाइन हार्वेस्टरों का निरीक्षण करेंगी। वे फसल अवशेष प्रबंधन नियमों की जांच और कटाई के समय की निगरानी भी करेंगी। मंडियों में धान की आवक को व्यवस्थित करने में सहयोग देंगी। वैधानिक निर्देशों का उल्लंघन करने वालों पर कानून अनुसार कार्रवाई की जाएगी।