रसीद पर न ही जगह का पता और न ही कोई मोबाइल नंबर, फीस कटवाने के बावजूद भी नहीं लग रही नंबर प्लेट
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संवाद न्यूज एजेंसी
कालांवाली। हरियाणा सरकार की ओर से हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट की नई व्यवस्था के तहत प्लेटें अब सीधे जिला स्तर के अधिकृत फिटमेंट सेंटरों पर भेजी जा रही हैं। इससे कालांवाली, डबवाली, सहित कई क्षेत्रों के वाहन मालिकों को नंबर प्लेट लगवाने के लिए लगभग 40 से 50 किलोमीटर दूरी तय कर जिला मुख्यालय जाना पड़ रहा है।
उपमंडल में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऊपर से सरकार के निर्देशानुसार पुलिस प्रशासन की ओर से बिना हाई सिक्योरिटी वाली और बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों को रोजाना अपने कब्जे में लिया जा रहा है या फिर जुर्माना लगाकर चालान किया जा रहा है।
करीब डेढ़ वर्ष से उपमंडल कार्यालय कालांवाली में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने वाली कंपनी का ठेका समाप्त होने से उपमंडल के गांवों व शहर के वाहन चालक नंबर प्लेट के लिए परेशान हैं। वाहन चालकों को नंबर प्लेट के लिए ऑनलाइन फीस कटवाने के बाद करीब 40 से 50 किलोमीटर दूरी तय करके सिरसा जाना पड़ रहा है। वहां जाकर भी नंबर प्लेट कहां से प्राप्त करें, इसका भी उन्हें सही पता नहीं चल पा रहा। कारण यह कि ऑनलाइन कटवाई गई कई रसीद पर कोई मोबाइल नंबर नहीं होता है।
कालांवाली के नवीन कुमार ने बताया कि उसने अपनी बाइक पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने के लिए आवेदन किया है लेकिन कंपनी की ओर से सिरसा आकर नंबर प्लेट लगवाने के लिए कहा जा रहा है। इसी तरह, कालांवाली के एक वाहन चालक ने बताया कि उसने तीन माह पूर्व अपने बाइक पर नंबर प्लेट लगवाने के लिए सीएससी केंद्र से ऑनलाइन रसीद कटवाई थी लेकिन रसीद पर किसी भी जगह का पता नहीं है और न ही कोई मोबाइल नंबर है। न ही कंपनी की तरफ से काई कॉल आई है। वह करीब तीन माह बीतने के बाद भी वो नंबर प्लेट के लिए भटक रहे है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
पहले लिंक उत्सव कंपनी के पास ठेका था
पहले लिंक उत्सव कंपनी के पास नंबर प्लेट लगाने का ठेका था। कालांवाली में नंबर प्लेट की डिलीवरी दी जाती थी और उपमंडल कार्यालय में ही वाहनों की नंबर प्लेट लगाई जाती थी। इधर, डेढ़ वर्ष से ठेका समाप्त होने के बाद ठेका रोज माटा कंपनी के पास है जोकि नंबर प्लेट की कालांवाली में डिलीवरी नहीं दे रही और आमजन को सिरसा जाकर नंबर प्लेेट लगवानी पड़ रही है या फिर सुविधा के लिए निजी एजेंटों/मध्यस्थों के माध्यम से नंबर प्लेट मंगवानी पड़ती है। इसके लिए चार सौ से पांच सौ रुपये अतिरिक्त राशि देनी पड़ती है। इसके अलावा, मध्यस्थों के माध्यम से कार्य कराने पर कई बार नंबर प्लेट समय पर नहीं पहुंचती और कई बार नंबर प्लेट ट्रांजिट के दौरान गुम होने जैसी समस्याएं भी सामने आती हैं। इस कारण कई वाहन मालिकों को समय पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं मिल पाती। इससे उन्हें ट्रैफिक पुलिस द्वारा चालान किए जाने का डर बना रहता है। कई मामलों में चालान का सामना भी करना पड़ता है। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने का कार्य कालांवाली में ही शुरू किया जाए ताकि इससे समय व पैसे की बचत हो सके। वहीं, परेशानी से बचा जा सके।
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बिना नंबर प्लेट वाले वाहन पर है इतना जुर्माना
यातायात प्रभारी भूप सिंह ने कहा कि बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों पर पुलिस प्रशासन पूरी तरह से सख्त है। बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट व बिना नंबर प्लेट वाले वाहन 500 रुपये जुर्माने का प्रावधान है। इसके अलावा, बिना नंबर प्लेट वाले वाले वाहनों को जब्त किया जा सकता है।