सिरसा के प्रेम नगर में गली में सीवरेज के पानी में पनपते मच्छर।
सिरसा। शहर का प्रेम नगर का इलाका जिला उपायुक्त सहित सरकारी विभागों के कार्यालयों से सटा हुआ है। इतना ही नहीं सरकारी कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारियों ने अपनी रिहायश कर रखी है। जिसके बावजूद भी प्रेम नगर में सीवरेज, पानी सहित समस्याओं की भरमार है। प्रेमनगर वासी सरकारी कार्यालयों सहित समस्या समाधान शिविरों तक के चक्कर काट कर रह गए, लेकिन उनकी समस्याएं हल नहीं हुई है।
संवाद संवाददाता के अनुसार प्रेम नगर में सड़कें टूटी पड़ी हैं, जगह-जगह सीवरेज ओवर फ्लो, पीने को गंदा पानी, प्लाॅटों में भरी गंदगी, गंदे पानी में पनपते मच्छर इस बात का सुबूत है कि प्रेम नगर में समस्याओं की भरमार है।
प्रेमनगर की 2200 के करीब की आबादी है। प्रेम नगर का इलाका कचहरी रोड की टूटी दीवार से लेकर चतरगढ़ीपट्टी तक सटा हुआ है। जिसमें अधिकतर मिडिल क्लास परिवारों से है और ज्यादातर प्रोफेशनल लोग रहते हैं। इस वार्ड की पार्षद चंचल रानी जो वार्ड की समस्याओं को समय -समय पर उठाने का काम करती है पर इन दिनों समस्याओं की भरमार के चलते चंचल सहित कॉलोनी निवासी सरकारी कार्यालयों और विभागों के चक्कर काट कर परेशान हो गए हैं।
कॉलोनी वासी नितिन, पूजा, निर्मला और राजकुमार ने बताया कि प्रेम नगर में बीते एक साल से पीने के गंदे पानी, सीवरेज ओवरफ्लो और टूटी सड़कों के कारण परेशान हो चुके हैं। कई बार सरकारी विभागों में समस्याओं को लेकर शिकायतें दे चुके हैं लेकिन कोई समाधान नहीं हो पा रहा है। प्रेम नगर में लगभग सभी गलियों में सीवरेज ओवरफ्लो है, जिससे गलियों में प्रतिदिन गंदा पानी सीवरेज के बाहर बहता रहता है। जिससे गली में गंदगी से मच्छरों और अन्य कीटों से बीमारियां फैल रही है। जगह-जगह सड़कें टूटी पड़ी है सड़कों पर बड़े- बड़े गड्ढे हुए पड़े है मानो ऐसा प्रतीत होता है सड़क पर गड्ढे नहीं गड्ढों में सड़क है। अधिकतर सड़कों के नीचे डाली सीवरेज लाइन के ढक्कन या तो धंस चुके हैं या टूट चुके हैं।
वहीं, गड्ढों के कारण प्रेम नगर में आए दिन हादसे होते रहते हैं जिससे बचाव के लिए कॉलोनी वासी अपने स्तर पर गड्ढों को भरने का काम करते हैं लेकिन प्रशासन सब देखते हुए भी आंखों को मूंद कर बैठा है। कॉलोनी में सीवरेज से ओवरफ्लो होने के बाद पानी पास में पड़े खाली प्लॉट में जा रहा है। आसपास के लोगों को गंदगी और बदबू से परेशान होना पड़ रहा है। प्लॉट में गंदगी के साथ झाड़ियां और जहरीले कीड़े पैदा हो रहे हैं।