गांव पोहड़का, भुर्टवाला और कुमथला की सीमा पर लगी खाद बनाने की दो फैक्टरी इन तीनों गांवों के लोगों के लिए परेशानी बनी हुई हैं। फैक्टरियों के कारण गांव के लोग दमे और चमड़ी के रोग की चपेट में आने लगे हैं। यहां के किसानों और ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर दोनों फैक्टरियों को जल्द बंद करवाए जाने की मांग की।
किसान बसंत सिंह, बूटा सिंह, बंसी लाल, सतपाल सिंह, शमसेर सिंह, पिंदर सिंह, संत लाल, कुलवंत सिंह, पप्पू राम, सरूप सिंह, सिकंदर सिंह, देवी राम, पूरना राम, प्रेम कुमार, राम चंद्र, चमकौर सिंह, परमजीत सिंह, रेशम सिंह ने बताया कि तीनों गांवों की सीमा पर करीब 4 साल पहले यह खाद तैयार करने वाली फैक्टरियां लगाई गई थी। फैक्टरियों में जलाने के लिए रात के समय रबड़ और लकड़ी का बूरा लाया जाता है। किसानों ने बताया कि इन फैक्टरियों की चिमनियों से निकलने वाले धुएं से करीब दो किमी तक फसलों और घरों को नुकसान पहुंच रहा है। इसके अलावा आसपास के खेतों में किसानों को काम करना भी मुश्किल हो रहा है। क्योंकि ये धुआं काफी जहरीला है और सांस लेने के साथ ही शरीर में पहुंच रहा है। किसानों ने बताया कि धुएं के साथ फसल नष्ट हो रही हैं और पशुओं के लिए उगाया गया हरा चारा भी जहरीला हो रहा है। किसानों ने बताया कि धुआं जम जाने कारण उनकी फसल भी मंडी में 200 रुपये प्रति क्विंटल तक कम बिकती हैं। जहरीले धुएं के कारण इन गांवों में दमा, चमड़ी की बीमारियां तेजी के साथ फैल रही हैं। वातावरण पूरी तरह प्रदूषित हो रहा है। किसानों ने बताया कि वह अपनी यह समस्या सीएम विंडो से मुख्यमंत्री को भेजने के अलावा स्थानीय प्रशासन को भी बता चुके हैं। जिसके बाद इन फैक्टरियों की चेकिंग की गई थी और इनको सील कर दिया गया था। परंतु अब फिर यह फैक्टरियां चालू कर दी गई हैं। किसानों ने मांग की कि इन फैक्टरियों को जल्दी से जल्दी बंद करवाया जाऐ, जिससे लोग घातक बीमारियों का शिकार होने से बच सकें। किसानों ने कहा कि यदि समस्या का जल्दी हल ना हुआ तो वह अपना संघर्ष बडे स्तर पर करने के लिए मजबूर होंगे।
फैक्टरी मालिक एक दूसरे पर डाल रहे हैं जिम्मेदारी
फैक्टरियों के मालिक सोनू जिंदल और सुशील कुमार के साथ बात की गई तो वह दोनों यहां प्रदूषण फैलाने का दोष एक दूसरे पर लगाते हुए नजर आए। सोनू जिंदल ने कहा कि उनकी फैक्ट्री में प्रदूषण कंट्रोल के सभी यंत्र लगाए हुए हैं और यह प्रदूषण दूसरी फैक्ट्री से आ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि फिर भी कोई समस्या है तो वह जल्दी ही लुधियाना से प्रदूषण कंट्रोल के तकनीकी विशेषज्ञों की टीम को बुलाकर यह समस्या हल कर देंगे। दूसरी फैक्ट्री के मालिक सुशील कुमार ने कहा कि उनकी फैक्ट्री प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के सभी नियम पूरे करती है और यह प्रदूषण दूसरी फैक्ट्री की तरफ से फैलाया जा रहा है।