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पुलिस ने आशा वर्कर्स को अंबाला जाने से रोका, रोषित हो सरकार का फूंका पुतला

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मांगों को लेकर विरोध-प्रदर्शन करते हुए आशा वर्कर्स। - फोटो : Sirsa
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सिरसा। सरकारी दर्जा देने, वेतन बढ़ाने और अन्य मांगों को लेकर गृह मंत्री अनिल विज के अंबाला आवास को घेरने जा रही आशा वर्कर्स को पुलिस ने डिंग मोड पर रोक लिया। रोषित वर्कर्स डिंग मोड से सिरसा पहुंची और बस स्टैंड के समक्ष स्थित पार्क में प्रदर्शन किया। वहीं वर्कर्स ने आरोप लगाते हुए कहा कि डिंग मोड पुलिस कर्मचारियों ने उनके साथ धक्का मुक्की की और उन्हें अंबाला नहीं जाने दिया। वर्कर्स ने रोष प्रकट करते हुए सरकार का पुतला फूंका।
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वहीं ऐलनाबाद में सर्व कर्मचारी संघ ब्लाक प्रधान राजकुमार गुर्जर, किसान नेता सुरजीत सिंह, आशा यूनियन की नेत्री संजना, वीरपाल, मधु ने बताया ने बताया कि वीरवार को आशा वर्कर्स ने अंबाला में गृह मंत्री अनिल विज के आवास का घेराव के लिए जाना था, लेकिन पुलिस ने सरकार के इशारे पर कर्मचारियों को डिंग मोड पर ही रोक लिया। इसके बाद वहां से उनकी गाड़ियों के चालकों से चाबियां लेकर उनके साथ धक्का-मुक्की करते हुुए उन्हें पैदल ही बस स्टैंड तक लेकर आए और बसों में बैठाकर सिरसा में लाकर छोड़ दिया। पुलिस ने कई कर्मचारियों को हिरासत में भी लिया, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों की आवाज को दबाना चाहती है, लेकिन वे ऐसे डरने वाले नहीं है। वे अपना हक लेेने तक पीछे नहीं हटेंगे। इस मौके पर सर्व कर्मचारी संघ से मदनलाल खोथ, सीटू से विजय ढुकड़ा, सिरसा से आशा यूनियन की नेत्री पिंकी, जिला प्रधान दर्शना, शर्मिला, शिमला झोपड़ा, वीरपाल अलीकां, सलोचना नागोकी, ऊषा पनिहारी, शिमला अलीकां आदि उपस्थित रहे।
डिंग रोड के पास पुलिस ने नाका लगा रखा था। इस दौरान गाड़ियों की चेकिंग की गई तो चालकों के पास पूरे दस्तावेज नहीं मिले। जिसके बाद उनसे दस्तावेज मंगवाए गए और चालकों को वापस भेज दिया गया।
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-कश्मीरी लाल, डिंग थाना प्रभारी, सिरसा
7 सालों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं के वेतन में हुई दोगुनी बढ़ोतरी : उपायुक्त
सिरसा। हरियाणा सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए पूरी ईमानदारी से काम कर रही है। सरकार ने समय-समय पर आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर की मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार किया है और उनकी सभी मांगों को पूरा किया है। उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने कहा कि हरियाणा में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अपने हिस्से के मानदेय में सर्वाधिक 9961 रुपये का मासिक योगदान दिया जा रहा है जबकि इसमें केंद्र का हिस्सा 2700 रुपये है। यह योजना केंद्र व राज्य सरकारों की 60:40 भागीदारी पर चलाई जा रही है। एक जानकारी के अनुसार हरियाणा में वर्ष 2014 में आंगनबाड़ी वर्कर को 7500 रुपये और आंगनबाड़ी हेल्पर को 3500 रुपये बतौर मानदेय मिलता था जो कि अब लगभग दोगुना हो चुका है। हरियाणा सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को प्रति मास 12,661 रुपये, मिनी आंगनबाड़ी वर्कर को 11401 रुपये व सहायिका को 6781 रुपये मानदेय दे रही है। यह मानदेय केंद्र के शेयर को मिलाकर है। हरियाणा सरकार द्वारा आंगनबाड़ी वर्कर व हेल्पर को जो मानदेय दिया जा रहा है, माना जाता है कि उत्तर भारत के राज्यों में सर्वाधिक व देशभर में दूसरे स्थान पर है।
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