ओढ़ां । गांव रत्ताखेड़ा के अमीलाल हत्याकांड की गुत्थी को ओढ़ां पुलिस ने महज 2 दिन में सुलझाते हुए आरोपी भीमसेन (22) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी का घर मृतक के घर से करीब 300 मीटर दूर है। पुलिस ने आरोपी से वारदात में प्रयुक्त कुल्हाड़ी बरामद कर ली है। मृतक अमीलाल के स्वर्गीय भाई राजकुमार ने आरोपी भीमसेन के पिता राममूर्ति को करीब 10 वर्ष पूर्व 5 लाख रुपये ब्याज पर दिए थे। इसके बदले राममूर्ति ने जमीन का इकरारनामा भी लिखवाया था। लेकिन, राममूर्ति ने न तो पैसे लौटाए और न ही जमीन दी। इस बात को लेकर अमीलाल व राममूर्ति के मध्य विवाद चल रहा था। जमीन का ये मामला कोर्ट में भी विचाराधीन है।
20 अगस्त की रात्रि जब अमीलाल खाना खाकर चौपाल के निकट लाइब्रेरी के बाहर चबूतरे पर हुक्का पीने गया था तो वहां पर राममूर्ति का बेटा भीमसेन वहां पर मौजूद था। जहां इसी विवाद को लेकर दोनों के मध्य कहासुनी हो गई थी। इसके बाद भीमसेन एक बार वहां से चला गया। अमीलाल रात करीब 12 बजे लाइब्रेरी के बाहर से अपने घर के लिए रवाना हो गया। तैश में आया भीमसैन अपने घर से कुल्हाड़ी उठा लाया और गली में अमीलाल पर ताबड़तोड़ वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने इस मामले में जब विभिन्न जगहों पर सीसीटीवी फुटेज देखी तो कुछ सुराग हाथ लगे।
घटना के बाद लोगों को उस पर किसी प्रकार का संदेह न हो इसलिए हत्यारोपी भीमसेन वहां लोगों के बीच घूमता रहा। उसने पुलिस को ये भी बताया कि उसने अमीलाल को घर जाते हुए देखा था। पुलिस ने जब जांच-पड़ताल की राममूर्ति व अमीलाल के पैसे के लेनदेन एवं कोर्ट केस बारे पता चला। इसके बाद पुलिस को भीमसेन पर संदेह हो गया। पुलिस ने संदेह के आधार पर भीमसेन को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो भीमसेन ने एक बार तो पुलिस को गुमराह करने की काफी कोशिश की, लेकिन पुलिस ने जब सख्ती दिखाई तो उसने अपना अपराध कबूल कर लिया। थाना प्रभारी निरीक्षक ब्रह्मप्रकाश ने बताया कि इस मामले में आरोपी आरोपी को रविवार को अदालत में पेश किया जाएगा।