संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में ऑडिटोरियम हॉल में रविवार को पुलिस अधिकारियों और अनुसंधानकर्ताओं को ई-साक्ष्य एप का प्रशिक्षण दिया गया। पुलिस अधीक्षक विक्रांत भूषण ने सभी डीएसपी, एसएचओ और सम्मन ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों को नए कानूनों की जानकारी देते हुए डिजिटल माध्यमों से समन और वारंट की तामील की प्रक्रिया को समझाया।
उन्होंने बताया कि अब ई-साक्ष्य एप के माध्यम से समन और वारंट ईमेल, व्हाट्सएप या अन्य डिजिटल प्लेटफार्म के जरिये भेजे जा सकते हैं। डिजिटल माध्यम से भेजे गए समन के लिए कोई बाउंस बैक या त्रुटि संदेश प्राप्त नहीं होता, तो उसे प्रभावी रूप से तामील माना जाएगा। इससे पहले समन और वारंट की तामील प्रक्रिया लंबी और जटिल थी। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि डिजिटल माध्यम से समन भेजने से अदालत के मामलों में तेजी आएगी। गवाहों को समय पर सूचना मिलेगी और न्याय प्रक्रिया पारदर्शी और प्रभावी होगी। इसके अलावा, डिजिटल रिकॉर्ड्स स्थायी रूप से सुरक्षित रहेंगे और अदालत किसी भी समय इन रिकॉर्ड्स की जांच कर सकेंगी।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी थाना व चौकी इंचार्ज अदालत के आदेश का पालन करते हुए समन और वारंट की तामील निश्चित समय सीमा के अंदर सुनिश्चित करें। मुकदमों से संबंधित सभी दस्तावेज और साक्ष्य डिजिटल रूप से सुरक्षित रखें। लापरवाही या कोताही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में एएसपी उत्तम पहल, ऐलनाबाद डीएसपी संजीव बल्हारा, डीएसपी सुभाष चंद्र और जिले के सभी थाना एवं चौकी इंचार्ज उपस्थित रहे।
:::::::::::::::::::::::::::::
ई-साक्ष्य एप पर अपलोड करें घटनास्थल का निरीक्षण, गवाहों के बयान और सामान की बरामदगी
विक्रांत भूषण ने निर्देश दिया कि अनुसंधानकर्ता घटनास्थल का निरीक्षण, गवाहों के बयान और सामान जब्त करने की प्रक्रिया की वीडियोग्राफी ई-साक्ष्य एप के माध्यम से करें। यह प्रक्रिया न्यायालय में केस सुनवाई के दौरान सही और सटीक साक्ष्य उपलब्ध कराने में मदद करेगी। उन्होंने बताया कि जैसे ही कोई अपराधी पकड़ा जाता है, उसके पास से बरामद सामग्री जैसे मादक पदार्थ, वाहन, असलहा आदि का फोटो और वीडियो इस एप पर अपलोड किया जाए। यह रिकॉर्ड स्थायी रूप से सुरक्षित रहेगा। जरूरत पड़ने पर अदालत इसे तुरंत देख सकेगी।